Himachal: चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट ज्योति को मिली मां की ममता, पिता का स्नेह
मुख्यमंत्री ने समाज के समृद्ध लोगों से अपील की कि वे शिशु गृह व आश्रमों में पल रहे अनाथ किशोर बच्चों को अपनाने (दत्तक ग्रहण) के लिए आगे आएं ताकि इन बच्चों का सुखद व उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
विस्तार
राजधानी शिमला में बालिका आश्रम की एक बेटी को मां की ममता और पिता का स्नेह मिल गया है। मुख्यमंत्री एवं हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मौजूदगी में बुधवार शाम ओकओवर शिमला में बालिका आश्रम टुटीकंडी शिमला में पल रही चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट ज्योति (काल्पनिक नाम) को एक दंपती ने अपना लिया। इस दौरान सीएम ने ज्योति के भावी माता-पिता को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने समाज के समृद्ध लोगों से अपील करते हुए कि वह अनाथ बच्चों को अपनाने यानी दत्तक ग्रहण के लिए आगे आएं।
वीरवार को सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर व गरीब वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष प्रदेश सरकार के इन प्रयासों की दिशा में एक और सार्थक पहल है। अनाथ बच्चों के रहन-सहन और शिक्षा से लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने में यह कोष सहायक बना है। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर तथा हिमाचल प्रदेश बाल कल्याण परिषद के महासचिव मोहन दत्त शर्मा भी उपस्थित रहे। यह उल्लेखनीय है कि सुक्खू सरकार ने सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। अनाथ बच्चों के लिए कानून योजना बनाने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष बनाया है।