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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ चलेगा अभियान, हर पंचायत में बनेगी कमेटी

Sat, 01 Nov 2025 05:35 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 01 Nov 2025 05:35 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने  कहा कि प्रदेश सरकार 15 नवंबर से चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई आरंभ करेगी और इसे समूल नष्ट किया जाएगा।

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CM sukhvinder Sukhu said that the state govt will fight a decisive battle against Chitta in the state.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। - फोटो : आईपीआर विभाग

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार 15 नवंबर से चिट्टे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई आरंभ करेगी और इसे समूल नष्ट किया जाएगा। चिट्टे के खिलाफ आगामी तीन माह तक व्यापक और बहुस्तरीय अभियान आयोजित किया जाएगा।  अभियान का शुभारंभ 15 नवंबर को शिमला के रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक एंटी चिट्टा रैली से किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस रैली का शुभारंभ करेंगे। इस रैली में प्रदेश से विधायक, गणमान्य व्यक्ति, छात्र और समाज के सभी वर्गों के लोग हिस्सा लेंगे। तीन माह के अभियान के दौरान चिट्टे के खिलाफ बहुस्तरीय कार्रवाई की जाएगी।

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राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक की जाने वाली यह कार्रवाई अब तक चिट्टा के खिलाफ सबसे बड़ा प्रहार होगा। इस अभियान में सरकार के प्रतिनिधि, पुलिस, विभिन्न विभाग, स्वयंसेवक, विद्यार्थी और अन्य लोग विभिन्न स्तरों पर कार्य करेंगे। इस दौरान नशा निवारण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अभियान के दौरान जिला, उपमंडल और अन्य स्तरों पर भी एंटी चिट्टा रैलियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश से चिट्टा के समूल नाश के लिए पुलिस विभाग में एक विशेष सेल गठित किया जाएगा। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदेश में चिट्टा से सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें चिन्हित कर ली गई हैं। इन पंचायतों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जएगा। महाविद्यालयों में एंटी चिट्टा वालंटियर तैयार किये जाएंगे। पुलिस विभाग द्वारा अभियान को सफल बनाने के लिए वृहद रूपरेखा तैयार की जाएगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मादक पदार्थों और नशे के सेवन एवं अवैध कारोबार को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन का किया जाएगा। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। समिति में अध्यक्ष सहित सात सदस्य होंगे। समितियों की हर माह नियमित रूप से बैठक आयोजित की जाएंगी, जिसमें क्षेत्र में चिट्टा व चिट्टा से सम्बन्धित गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों से साझा किया जाएगा।

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ये समितियां स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशा निवारण व इससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। ये समितियां जिला में सम्बन्धित उपायुक्त के माध्यम से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी और समन्वय भी स्थापित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा निवारण समितियां पंचायत स्तर पर नशा निवारण, चिट्टे के अवैध कारोबार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बैठक में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह केके पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव वित्त डॉ. अभिषेक जैन और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में 222 स्वचालित दूध संग्रह प्रणाली की गई स्थापित
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को  हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्घ उत्पादक प्रसंघ सीमित की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने प्रसंघ को अपने उत्पादों का बेहतर विपणन और उनकी उच्च स्तरीय गुणवता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नौर जिले के कड़छम या टापरी में दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किया जाएगा ताकि इसके उत्पादों को सेना और स्थानीय लोगों को उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिमला जिले के दत्तनगर स्थित दोनों दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों को आउटसोर्स आधार पर संचालित करने की संभावनों पर विचार किया जाए ताकि उत्पादन में और बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। सुक्खू ने जिला मंडी स्थित दूध संयंत्र में नया मिल्क पाउडर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान प्रसंघ की ओर से दूध की खरीद में अधिकतम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 29 नए बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं। दो वर्षों में 222 स्वचालित दूध संग्रह प्रणाली स्थापित किए गए हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की संख्या को बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए जिसके फलस्वरूप इनकी संख्या बढ़कर 716 हो गई है। मिल्क फैड को दूध विक्रय करने वाले किसानों की संख्या में भी आशातीत बढ़ोतरी हुई है। इनकी संख्या अब लगभग 40 हजार से अधिक हो गई है। बैठक में प्रसंघ के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, सचिव एम. सुधा देवी, प्रबन्ध निदेशक विकास सूद, वरिष्ठ प्रबन्धक प्रीति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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