Himachal News: सुक्खू बोले- हर माह के अंतिम दो दिन लगेंगीं राजस्व लोक अदालतें
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अदालतों से अक्तूबर 2023 से अब तक सरकार की ओर से आयोजित चार इंतकाल-राजस्व लोक अदालतों में रिकॉर्ड 89,091 इंतकाल और 6,029 तकसीम के लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान किया है।
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में पहली बार तहसील और उप तहसील स्तर पर राजस्व लोक अदालतें आयोजित की जा रही हैं। ये अदालतें उन लोगों के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित हुई हैं, जो राजस्व संबंधी मामलों के समाधान के लिए राजस्व कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि इन अदालतों से अक्तूबर 2023 से अब तक सरकार की ओर से आयोजित चार इंतकाल-राजस्व लोक अदालतों में रिकॉर्ड 89,091 इंतकाल और 6,029 तकसीम के लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि राजस्व लोक अदालतों का संचालन हर माह के अंतिम दो दिनों में किया जाएगा। आम जनता से मिल रहे समर्थन और लंबित मामलों के समाधान की दर को देखते हुए इंतकाल और राजस्व लोक अदालतों को नियमित रूप से करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बजट अनुमानों पर की चर्चा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू छुट्टी वाले दिन भी ओक ओवर शिमला में काम करते रहे और ई-फाइलें निपटाते रहे। इसके अलावा अन्य फाइलों पर भी हस्ताक्षर करते रहे। बजट अनुमानों को तय करने वाले अधिकारियों से भी मुख्यमंत्री सुक्खू फोन पर संपर्क में रहे। उन्होंने अलग-अलग विषयों पर कई मंत्रियों और विधायकों से भी बात की।
सीएम सुक्खू की पिछले कुछ दिनों से तबादलों से संबंधित फाइलें निपटाने में व्यस्तता रही। ऐसे में विभागीय फाइलों पर वह निर्णय नहीं ले पाए थे। इसको देखते हुए सचिवालय से शनिवार को कई फाइलें पहुंचाई गईं। सीएम इन पर हस्ताक्षर करते रहे। रविवार को वित्त और योजना विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी बजट अनुमानों को तैयार करने के लिए राज्य सचिवालय में डटे थे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार और योजना सलाहकार डॉ. बासु सूद और अन्य अधिकारियों से भी सुक्खू संपर्क में रहे। उन्हें बजट अनुमानों में प्राथमिकताओं पर बातचीत करते रहे। बद्दी में परफ्यूम फैक्टरी में हुए विस्फोट मामले में भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की।