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हिमाचल: सुक्खू बोले- विजिलेंस जांच के दायरे में नहीं आने वाली भर्ती परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित होंगे

Sat, 03 Jun 2023 07:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 03 Jun 2023 07:29 PM IST
सार

शनिवार को शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य में मुख्यमंत्री ने कहा कि कदाचार के लिए भंग किए एचपीएसएससी की ओर से आयोजित परीक्षाओं के रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) को स्थानांतरित किए जा रहे हैं। 

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cm sukhvinder sukhu said Results of recruitment exams not covered by vigilance probe will be declared soon
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से भंग किए गए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (एचपीएसएससी) हमीरपुर की ओर से आयोजित परीक्षाओं के लंबित परिणामों को शीघ्र घोषित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। विजिलेंस ब्यूरो की जांच के दायरे में नहीं आने वाली परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे। शनिवार को शिमला से जारी प्रेस वक्तव्य में मुख्यमंत्री ने कहा कि कदाचार के लिए भंग किए एचपीएसएससी की ओर से आयोजित परीक्षाओं के रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एचपीपीएससी) को स्थानांतरित किए जा रहे हैं।

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राज्य सरकार प्रशासन की कार्यप्रणाली और संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है। मेधावी और योग्य विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित कर रही है। इसके विपरीत पिछली भाजपा सरकार की ओर से एचपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक किए जा रहे थे।
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प्रदेश के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली तैयार की
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली तैयार की गई है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरा, वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साइन, स्वचालित यातायात पटल सह वर्गक, सड़क किनारे एवं ओवरहेड वाहन गति को दर्शाते डिस्प्ले पटल, ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी सहित आपात सहायता कॉल बॉक्स भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने गति सीमा से संबंधित डिस्प्ले पटल की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से एकीकृत कमांड केंद्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को जारी वक्तव्य में कहा कि किसी भी राज्य की आर्थिक उन्नति के लिए सुचारु एवं सुरक्षित परिवहन सुविधाओं की अहम भूमिका रहती है। वस्तुओं के वितरण व सेवाओं के सुचारु कार्यान्वयन के लिए सड़क नेटवर्क का सुदृढ़ होना जरूरी है। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र की विकास क्षमता का उपयोग करके संतुलित और समान विकास को गति प्रदान की जा सकती है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन के मुद्दों को निरंतर केंद्र सरकार के समक्ष उठा रही है।


बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए प्रदेश में संपर्क मार्गों को निर्मित करने और इनके सुदृढ़ीकरण की दिशा में कार्य करने के साथ ‘ग्रीन कॉरिडोर’ राजमार्गों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही बड़ी फोरलेन परियोजनाएं विशेषकर किरतपुर से मनाली फोरलेन पर बेहतर यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन नए ट्रैफिक-कम-टूरिस्ट पुलिस स्टेशन यानी यातायात-सह पर्यटक पुलिस थाना स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रदेश पुलिस के समन्वय से कुशल यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रदेश में चिह्नित 147 ब्लैक स्पॉट में से अब तक 117 में सुधार किया
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि परिवहन विभाग में स्थापित सड़क सुरक्षा सेल सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित हुआ है। ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए कई उपाय किए गए हैं। प्रदेश में चिह्नित 147 ब्लैक स्पॉट में से अब तक लगभग 117 में सुधार किया जा चुका है और शेष 30 ऐसे स्पॉट को दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सोलन जिले के बद्दी में निरीक्षण और प्रमाणीकरण केंद्र के लिए 16 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जिससे प्रदेश में यांत्रिक रूप से पूरी तरह ठीक वाहन संचालित हों। मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर को और अधिक शक्तियां प्रदान करते हुए अब उन्हें नियमों की अवहेलना करने वाले वाहनों का चालान करने के लिए अधिकृत किया गया है।

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