Himachal: सुक्खू ने मोदी से की मुलाकात, हिमाचल के लिए उदार वित्तीय सहायता मांगी
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने हिमाचल के हितों का ध्यान रखने आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री की मांगों को सुना और सेब के आयात संबंधी मामले की समीक्षा करने समेत अन्य मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उनसे हिमाचल के लिए उदार वित्तीय मदद देने और लंबित धनराशि शीघ्र जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल और पड़ोसी पर्वतीय राज्यों के बागवानों के हितों का ध्यान रखकर तुर्किये से सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने जल विद्युत परियोजनाओं में राज्यों के अधिकारों की भी पुरजोर वकालत की।
उन्होंने परियोजनाओं में मुफ्त रॉयल्टी और 40 वर्ष पूरा कर चुके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पीएसयू और सीपीएसयू को राज्य को सौंपने का मामला उठाया। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने हिमाचल के हितों का ध्यान रखने आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री की मांगों को सुना और सेब के आयात संबंधी मामले की समीक्षा करने समेत अन्य मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि पर्वतीय राज्यों की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखकर विभिन्न योजनाओं की पात्रता में छूट देते हुए अधिक धनराशि आवंटित की जानी चाहिए। उन्होंने राज्य को लंबे समय से लंबित देय राशि जारी करने की मांग दोहराई और कहा कि इससे हिमाचल आत्मनिर्भर राज्य बन जाएगा। उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं को राज्य को लौटाने के लिए समय-सीमा तय करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में भी जल विद्युत परियोजनाओं में राज्यों के अधिकारों की भी पुरजोर वकालत की और 40 वर्ष पूरा कर चुकीं परियोजनाओं से अधिशेष भूमि वापस करने और योजना लागत पूरी करने के बाद रॉयल्टी में बढ़ोतरी से संबंधित मामला भी उठाया। उन्होंने अवगत करवाया कि सरकार की वर्तमान नीति के अनुसार पहले 12 साल के लिए 12 प्रतिशत, 18 साल के लिए 18 प्रतिशत और 10 साल के लिए 30 प्रतिशत रॉयल्टी का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत निजी कंपनियां सरकार की ऊर्जा नीति की अनुपालना कर रही हैं। उन्होंने पीएम से कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण पर चर्चा की।
पर्यावरण संरक्षण के लिए हिमाचल को मिलना चाहिए ग्रीन बोनस : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य को ग्रीन बोनस मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल की वन संपदा उत्तर भारत को प्राण वायु प्रदान करती है और देश के हरित आवरण को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। शनिवार को सीएम सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिमाचल कि हित के कई मुद्दे उठाए। उन्होंने पीएम से मुलाकात के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों को भी बैठक में दोहराया। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में हिमाचल को पर्यटन मानचित्र पर सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में लाने के लिए राज्य सरकार के विजन के बारे में जानकारी दी। कांगड़ा हवाई अड्डे पर बड़े विमानों के उतरने के लिए हवाई पट्टी का विस्तारीकरण किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि सोलन में राज्य सरकार ऑयल इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर एक मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित कर रही है।
उन्होंने विकास की राह और विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आ रही चुनौतियों का सामना करने पर भी अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को देश के पर्यटन मानचित्र पर सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में लाने के लिए राज्य सरकार के विजन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए गए हैं। देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए धार्मिक, ईको, जल, प्राकृतिक गतिविधियां और स्वास्थ्य पर्यटन को विविध आयाम प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे पर बड़े विमानों के उतरने के लिए हवाई पट्टी का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ पर्यटकों को भी सुविधा होगी। इस बैठक के दौरान उद्यमिता, कौशल विकास तथा सतत रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए विभिन्न पहलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।