मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू: ईको सेसेंटिव जोन बनाने के मामले में सरकार लोगों के साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौंग बांध के साथ लगते क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन बनाने के मामले में प्रदेश सरकार लोगों के साथ खड़ी है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कांगड़ा जिला के परागपुर के गांव नक्की में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में कहा कि पौंग बांध के साथ लगते क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन बनाने के मामले में प्रदेश सरकार लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पौंग बांध क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में 100 करोड़ की योजनाएं शुरू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रत्येक हिमाचली पर एक लाख रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है। पिछली भाजपा सरकार से खस्ताहाल अर्थव्यवस्था विरासत में मिली, जिसे पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। एक वर्ष में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 20 प्रतिशत तक पटरी पर लाने में सक्षम हुए हैं।
राज्य सरकार ने दूध का खरीद मूल्य एक ही बार में छह रुपये बढ़ाया और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की जाएगी। कांगड़ा जिला के ढगवार में 250 करोड़ का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ई-टैक्सी परमिट के लिए अब तक 1200 युवाओं ने आवेदन किया है। सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की उपेक्षा की, जिसके चलते शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है। आज पांचवीं कक्षा का छात्र दूसरी कक्षा की किताब भी नहीं पढ़ पाता है। इसीलिए सरकार शिक्षा में सुधार के लिए कड़े कदम उठा रही है। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई होगी और क्लस्टर बनाकर संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा। विधवाओं के बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी और बजट में इसके लिए योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।