Himachal: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- निर्दलियों ने पैसा लिया होगा तो दोबारा चुनाव लड़ेंगे
बिलासपुर सदर में जनसभा में उन्होंने भाजपा, बागी और निर्दलीय विधायकों पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने निर्दलीय विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि आजाद भारत की पहली घटना है कि निर्दलीय इस्तीफा दे रहे हैं।
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सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि यह चुनाव कांग्रेस और भाजपा का नहीं है। जनता का है। एक तरफ अनुराग ठाकुर हैं तो दूसरी ओर सतपाल रायजादा। रायजादा आपकी तरह मैला आदमी है। आपकी सेवा में हमेशा तैयार रहेंगे। भाजपा ने एक राज्य सभा की सीट चुराई है। देश के मतदाता को ऐसा रास्ता दिखाना है, जहां बिके हुए लोगों की कोई कीमत नहीं होती। बताना है कि लोकतंत्र की ताकत जनबल है धनबल नहीं। एक जून को जनबल का साथ दें। बिलासपुर सदर में जनसभा में उन्होंने भाजपा, बागी और निर्दलीय विधायकों पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने निर्दलीय विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि आजाद भारत की पहली घटना है कि निर्दलीय इस्तीफा दे रहे हैं।
जब मंजूर नहीं हुआ तो हाई कोर्ट चले गए। क्या वो इस्तीफा मंजूर होने के बाद चुनाव नहीं लडेंगे। जब पैसा लिया होगा तो इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ेंगे। प्रदेश की संस्कृति ऐसी नहीं है। इन लोगों ने संस्कृति को खराब किया है। यह बात इसलिए कह रहा हूं कि पहली बार इतिहास में ऐसा देखा गया जहां खरीद फरोख्त की राजनीति को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसी पार्टी को सबक सिखाने का वक्त है। हजारों साल की गुलामी के बाद सबसे बड़ा अधिकार अगर कोई मिला है तो वो वोट का अधिकार है।
अगर यह वोट की ताकत ही बिक जाएगी तो न कोई आपके वोट को पूछेगा और न यह लोकतंत्र जिंदा रहेगा। 15 माह पहले प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से हमारी सरकार बनी। 40 विधायक बने थे। जब हिमाचल का इतिहास लिखा जाएगा हमें यह कहना पड़ेगा कि छह कांग्रेस के विधायक भाजपा की राजनीतिक मंडी में बिके। पांच साल जयराम ठाकुर सोए रहे। आपका पैसा जो सरकार के खजाने में था उसको लुटाते रहे। हमने सख्ती शुरू की।
कर्मचारी का बेटा हूं, मां को आती है पिता की पेंशन, घर जाता हूं तो जेब में डाल देतीं हैं 500 का नोट
बिलासपुर के एक दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू और कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल रायजादा ने भावनात्मक कार्ड चला। एक तरफ जहां सीएम ने अपने पिता के पूर्व कर्मचारी होने और माता को मिलने वाली पेंशन का जिक्र कर कर्मचारी, पेंशनर वर्ग को साधने की कोशिश की। वहीं, सतपाल रायजादा ने पूर्व सैनिक का बेटा होने का एलान गर्व के साथ किया। सीएम ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे परिवार से कोई राजनीति में नहीं था, कर्मचारी का बेटा हूं। जब हमने राजनीतिक सीढ़ियां चढ़नी शुरू की उस समय यह कहा जाता था कि कहीं सरकारी नौकरी लग जाए तो उचित है, घर का पालन पोषण अच्छी तरह से हो जाएगा।
राजनीति में तो पता नहीं भूखे मरने की भी नौबत आ जाएगी। उन्होंने कहा सीएम बनने के बाद सबसे पहली कैबिनेट में पुरानी पेंशन की बहाली की। मैं भी कर्मचारी का बेटा हूं। पिता की पेंशन आज भी मेरी मां को आती है और वो सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। मां किसी पर निर्भर नहीं हैं। मैं भले ही सीएम बन गया हूं, लेकिन जब भी मां के पास जाता हूं तो वह 500 का नोट निकालकर मुझे देती हैं। इससे सुखद कुछ नहीं है। वहीं, रायजादा ने कहा कि वह पूर्व सैनिक के बेटे हैं। इस बात का गर्व है। जब पहला चुनाव लड़ा था तो मां ने अपनी पेंशन के पैसे मुझे दिए थे। आज भाजपा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।