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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CM sukhvinder singh Sukhu said Azadi Ka Amrit Mahotsav program should not have been made a political program

HP VidhanSabha: सुक्खू बोले-भाजपा सरकार ने अमृत महोत्सव पर खर्चे 6.93 करोड़, स्वतंत्रता सेनानियों को भुलाया

Sat, 23 Sep 2023 06:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 23 Sep 2023 06:52 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बनाना चाहिए था।  स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को भी इन कार्यक्रमों में बुलाना चाहिए था। 

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CM sukhvinder singh Sukhu said Azadi Ka Amrit Mahotsav program should not have been made a political program
सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार ने अमृत महोत्सव पर 6.93 करोड़ रुपये तो खर्चे, लेकिन स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारजनों को भुला दिया। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम को राजनीतिक प्रोग्राम नहीं बनाना चाहिए था। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को भी इन कार्यक्रमों में बुलाना चाहिए था। पूर्व भाजपा सरकार ने इस कार्यक्रम को बोझ समझा। चुनावों का समय था, इसलिए कार्यक्रमों को फटाफट किया। भविष्य में जब भी इस तरह के कार्यक्रम होंगे, सभी स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को बुलाया जाएगा। कांग्रेस सरकार उन्हें पूरा मान-सम्मान देगी।

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शनिवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक संजय रत्न के अमृत महोत्सव से जुड़े सवाल पर सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ज्वालामुखी से विधायक संजय ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने कार्यक्रम पर 6.93 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन जिन लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, उनके वारिसों को बुलाया ही नहीं। मुझे भी नहीं बुलाया गया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अमृत महोत्सव केंद्र सरकार ने आजादी के 75 साल पूरे होने पर मनाया था। विधायक संजय को शायद बुलाने को लेकर त्रुटि रह गई होगी। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार लोकतंत्र प्रहरी योजना लेकर आई थी।
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सत्ता में आते ही उस बिल को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने पूछा कि क्या यही है कांग्रेस सरकार का स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र प्रहरी बिल उनके लिए था, जिन्होंने कुछ भी नहीं किया। इस पर सदन में विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र प्रहरी बिल पर अलग से सवाल पूछना चाहिए। ऐसा लगता है कि विपक्ष के नेता परेशान हो गए हैं। मैंने यह नहीं कहा कि हम नहीं मनाएंगे। मैंने यह कहा कि देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुर्बानी दी, उनके परिवारों को बुलाते तो कार्यक्रम की गरिमा बढती।

एकाएक प्रतिक्रिया मत दो, कुछ पचाना सीखोनेता विपक्ष को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि एकाएक प्रतिक्रिया मत दिया दीजिये। कुछ पचाना भी सीखो। हम लोग राजनीति के क्षेत्र में हैं। राजनीति में आग से निकलकर भी पता नहीं लगना चाहिए कि आग से निकले हैं। अध्यक्ष ने सत्ता और विपक्ष के सदस्यों को नियमों का हवाला देते हुए अपनी सीट पर बैठे-बैठे न बोलने की सलाह दी।
 

धार्मिक यात्राओं में अस्थायी शेड लगाने से किसी को नहीं रोका : सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में धार्मिक यात्राओं के दौरान अस्थायी शेड लगाने से किसी को नहीं रोका गया है। चाहे मणिमहेश यात्रा है, चाहे कोई और यात्रा हो, उसमें अस्थायी शेड सब लगाते हैं। इसमें यह नहीं देखा जाता है कि कोई कांग्रेस से है या भाजपा से। अगर ऐसा कुछ लगे कि कहीं किसी को रोका गया है तो इस मामले को ध्यान में लाया जाए। सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है कि किसी को हटाया या उजाड़ा जाए। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने पूछा कि क्या जलोड़ी पास से हटाए गए अवैध और पक्के निर्माण पर कार्रवाई के लिए आदेश जारी किए गए हैं कि नहीं?

जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से कांग्रेस की सरकार आई है, व्यवस्था परिवर्तन के इस दौर से सबसे ज्यादा परेशानी भाजपा को ही हुई है। विधायक सवाल कुछ लगा रहे हैं और सदन में पूछ कुछ और रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दस साल में कुल्लू-जलोड़ी सहित प्रदेशभर से 79 अवैध निर्माण हटाए गए हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोकेंद्र कुमार को पहली बार का विधायक कहा तो इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपत्ति दर्ज की। जयराम ने कहा कि यह व्यक्तिगत बयान गरिमा के खिलाफ है।

विधायक-विधायक होता है, पहली बार आए या कितनी बार आए। जयराम ने कहा कि अगर सीएम को यह कहा जाए कि वे नए-नए बने हैं, तो उन्हें क्या अच्छा लगेगा। जलोड़ी पास में वही लोग थे जो वहां पर समस्या के दौरान मदद करने के लिए पहुंचे थेे। अगर वहां से उनको उठाया गया तो लाडा कानून के तहत उन लोगों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने यही कहा कि पहली बार विधायक चुनकर आए हैं और जोश में हैं। सीएम नया ही बनता है, तभी तो व्यवस्था परिवर्तन होता है।

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