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Himachal CM: 'हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को पानी दे रहा हिमाचल, बदले में कोई वित्तीय मदद नहीं'

Mon, 24 Jun 2024 07:03 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Mon, 24 Jun 2024 07:03 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को हिमाचल सिंचाई के लिए पानी दे रहा है। इसके एवज में कोई पैसा नहीं मिल रहा।

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CM Sukhu said Himachal is giving water to Haryana Punjab and Rajasthan no financial help in return
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के साथ ही हिमाचल का राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान है। हिमाचल ने भाखड़ा और पौंग बांध के लिए लाखों एकड़ जमीन दी है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान को प्रदेश सिंचाई के लिए पानी दे रहा है। इसके एवज में कोई पैसा नहीं मिल रहा। प्रदेश ने विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की है। हिमालयी क्षेत्र में हरित आवरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इससे राज्य को हजारों करोड़ का राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है और अब तक इस नुकसान के लिए भी मुआवजा नहीं मिला है।

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राष्ट्र हित को देखते हुए हिमाचल ने पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, जिस कारण हिमाचल को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने 16वें वित्तायोग से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य के विकास के लिए उदारवादी वित्तीय सहायता प्रदान करने की सिफारिश करने का आग्रह किया। सरकार ने सोमवार को शिमला में 16वें वित्त आयोग से जुड़ी हिमाचल की वित्तीय आवश्यकताओं और अन्य मुद्दों पर आयोग के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी। यह प्रतिनिधिमंडल आगामी पांच वर्षों के लिए हिमाचल के संबंध में अपनी सिफारिश देगा। उन्होंने कहा कि राज्य को वन मंजूरी अधिनियम के तहत वर्ष 2017 से कोई अनुमति नहीं मिली है। इसके लिए राज्य को कोई भी वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं हुई है और प्रदेश सरकार को शानन पन विद्युत परियोजना की पट्टा अवधि पूर्ण होने के बाद भी मालिकाना हक नहीं मिला है। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अनावश्यक संस्थानों को बंद करने जैसे बड़े कदम उठाए हैं। इसके अलावा, प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृषि, पशुपालन और बागवानी जैसे क्षेत्रों को अधिमान दे रही है।

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शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना
इससे पूर्व 16वें वित्तायोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने राज्य की उपलब्धियों विशेषकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे अथक प्रयासों की सराहना की। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी तथा आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने भी अपने विचार रखे। प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने वित्त आयोग के समक्ष प्रस्तुति दी। इस अवसर पर आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. निरंजन राजाध्यक्षा, डॉ. सौम्या कांति घोष, सचिव रित्विक पांडा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव एवं शिक्षा सचिव राकेश कंवर सहित राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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