इतने माह में यातायात के लिए तैयार होगी रोहतांग टनल
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नवंबर 2019 में रोहतांग टनल होकर यातायात शुरू करने का लक्ष्य है। इसे समय रहते हासिल किया जाएगा। इसके लिए बीआरओ कड़ी मेहनत कर रहा है। देश-दुनिया में रोहतांग टनल निर्माण तकनीक का बेजोड़ नमूना होगी।
टनल में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री पहली बार रोहतांग टनल के साउथ पोर्टल से लाहौल घाटी पहुंचकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने सिस्सू में जनता से संवाद भी किया।
धुंधी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि रोहतांग टनल 10 हजार फीट ऊंचाई पर बनने वाली देश की पहली टनल है। 2010 में इसका शिलान्यास किया गया। टनल पर 4083 करोड़ खर्चे जा रहे हैं। इसमें 2054 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
8.8 किलोमीटर लंबी है रोहतांग टनल
8.8 किलोमीटर लंबी इस टनल में सेरी नाला की वजह से देरी हुई है। वर्तमान में टनल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके बिना अगली तीन प्रस्तावित टनल की कल्पना नहीं की जा सकती है। चीन भारतीय सीमा के पास पहुंच गया है।
सामरिक दृष्टि से अहम इस टनल से पर्यटन विकास की नई राह भी खुलेगी। टनल के चीफ इंजीनियर कर्नल एनएम चंद्र राणा ने बताया कि सेरी नाला मुख्य तौर पर चुनौती है। सर्दियों से पहले दोनों छोर पर पोर्टल इमारत कार्य शुरू किया जाएगा।
वर्तमान में इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल वर्क जारी है। इस दौरान मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा, गोविंद सिंह ठाकुर, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक किशोरी लाल, भाजपा नेता राम सिंह, डीसी यूनुस, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र आदि मौजूद रहे।
राजनीतिक मंशा से किए केस होंगे वापस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार की ओर से राजनीतिक मंशा से किए गए केस वापस लिए जाएंगे। उन्होंने एचपीसीए मामले को भी ऐसे ही मामलों में से एक बताया। कहा कि एचपीसीए मामले पर कोर्ट जो भी निर्णय लेगा, वह सर्वमान्य होगा।
सेब सीजन में हड़ताल की करेंगे वैकल्पिक व्यवस्था
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सेब सीजन को लेकर केंद्र के साथ राज्य सरकार भी चिंतित है। कोई रास्ता न निकलने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।