सीएम के ट्रांसफर डीओ की फाइल दोबारा नहीं आएगी उनके कार्यालय, अब ये लेंगे फैसला
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों को लेकर बनी व्यवस्था में बदलाव कर विभागीय मंत्रियों की शक्तियां बढ़ाई हैं। मुख्यमंत्री के ट्रांसफर डीओ की फाइल वापस उनके कार्यालय नहीं लौटेगी।
अगर डीओ के बाद विभाग तबादले पर शार्ट स्टे और शार्ट डिस्टेंस (25 किलोमीटर से कम) की आपत्ति दर्ज करवाता है, तो फाइल वापस मुख्यमंत्री के पास नहीं आएगी। सीएम कार्यालय ने विभागीय मंत्रियों को दोनों शर्तों पर राहत देने के लिए अधिकृत किया है।
रिक्त पद नहीं होने की स्थिति में भी मौजूदा नीति के तहत मंत्री निर्णय लेकर फाइल का निस्तारण करेंगे। अगर सीएम आफिस से आने वाले ट्रांसफर डीओ में कोई आपत्ति या छूट की शर्त नहीं है तो विभागाध्यक्ष ट्रांसफर आदेश जारी कर सकता है।
कार्मिक विभाग ने तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध की स्थिति में मुख्यमंत्री के स्तर से जारी होने वाले प्रावधान में आंशिक बदलाव किया है।
सीएम कार्यालय को केवल करवाएंगे अवगत
सीएम जयराम ठाकुर ने उनके कार्यालय में तबादलों के कारण अत्यधिक कामकाज का बोझ कम करने के लिए यह बदलाव किया है। नए आदेशों के तहत अब तबादलों की फाइल उनके आफिस नहीं लौटनी है।
सीएम के तबादला डीओ पर कोई आपत्ति नहीं होने पर विभागाध्यक्ष आदेश जारी कर देगा। शार्ट स्टे, शार्ट डिस्टेंस और रिक्त पद को लेकर आपत्ति की फाइल विभागीय मंत्री के पास जाएगी। इसके अलावा कोई अन्य आपत्ति है तो मंत्री के माध्यम से सीएम कार्यालय को दोबारा फाइल भेजी जानी है।
सीएम कार्यालय से जारी होने वाले तबादला डीओ की फाइल दोबारा उनके आफिस नहीं आएगी। अब विभाग केवल आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट सीएम आफिस भेजेंगे।
अगर क्लास-एक और क्लास-दो अधिकारियों में नीति के इतर विभाग कोई निर्णय लेना चाहता है तो उसकी अनुमति लेने के लिए सीएम को दोबारा फाइल भेजनी होगी।