चुनावों में हार की मूर्छा से बाहर नहीं निकल पाई कांग्रेस: सीएम जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस चुनावों में मिली हार की मूर्छा से बाहर नहीं निकल पाई है। उप चुनावों में भाजपा की जीत भी ऐतिहासिक रही। सीएम ने यह बात चंबा जिले के भरमौर के एकदिवसीय दौरे के दौरान कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य के विकास के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का काफी योगदान रहेगा। इन्वेस्टर मीट सात और आठ नवंबर को धर्मशाला में होगी। सात नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यातिथि होंगे। आठ नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में इस बार बड़ा लक्ष्य लक्ष्य गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही दिन में पहली बार किसी विस क्षेत्र में 31 शिलान्यास और उद्घाटन किए गए हैं। भरमौर क्षेत्र में ऐसा पहली बार हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है। आने वाले समय में चंबा की तकदीर बदलेगी और सबसे विकासशील जिलों की सूची में शुमार होगा। भरमौर के चौरासी परिसर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपचुनावों में भाजपा की जीत ने कांग्रेसियों की दिवाली का जश्न बिगाड़ दिया। कांग्रेस प्रत्याशी अपने बूथों में भी फिसड्डी रहे।
सिकरीधार सीमेंट प्लांट पर सीएम का रटारटाया जवाब
सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में इन्वेस्टर मीट का न्योता दिया। साथ ही कहा कि विकास की नजर से इन्वेस्टर मीट काफी महत्वपूर्ण है। सिकरीधार सीमेंट प्लांट के जवाब पर एक बार फिर रटारटाया जवाब मिला। पिछले साढ़े तीन दशकों से चंबा जिले की जनता सिकरीधार सीमेंट प्लांट की राह देख रही है।
सरकार ने धन-बल से जीती पच्छाद सीट : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि पच्छाद विधानसभा चुनाव भाजपा ने नहीं, बल्कि सरकार ने धन-बल से जीता है। इस सीट पर भाजपा का जीत का अंतर दो लोकसभा चुनाव में 27000 था, वह घटकर 2700 पहुंचा गया है। इससे साबित होता है कि प्रदेश सरकार की लोकप्रियता घटती जा रही है। रामलाल ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि पच्छाद ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी है।
इसके लिए पच्छाद की जनता बधाई की पात्र है। भाजपा के समक्ष चुनौती देने में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई है। यह कांग्रेस के लिए यह शुभ संकेत है। कहा कि धर्मशाला उपचुनाव में कांग्रेस की हार की समीक्षा करने की जरूरत है। इस हार के पीछे क्या कारण रहे, यह भी समय रहते पता लगाया जाना चाहिए। पार्टी प्रत्याशी की हार के लिए नेताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।