नपेंगे स्मार्ट वर्दी के आवंटन में देरी करने वाले अफसर
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.55 लाख विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी देने में लेटलतीफी करने वाले अफसर नपेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि यह गंभीर मामला है। देरी के लिए जिम्मेवार रहे अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी। उसके बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस बात से बहुत नाराज हैं।
तकनीकी कारणों से इसमें देरी हुई है। इस मामले पर मंत्रिमंडल बैठक में भी चर्चा हो चुकी है। उच्च अधिकारियों को जल्दी से स्कूली बच्चों को स्मार्ट वर्दी उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। उधर, मंत्रिमंडल बैठक में वर्दी मामले में क्लास लगने के बाद से अफसरशाही चुस्त हो गई है। सोमवार को सचिवालय में लगातार तीसरे दिन मामले को लेकर बैठक हुई।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वर्दी मामले से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। सोमवार दोपहर बाद मामले की फाइल मंजूरी को शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के पास भेजी गई है। मंत्री से मामले को मंजूरी मिलते ही खाद्य आपूर्ति निगम को टेंडर अवार्ड करने के लिए फाइल भेजी जाएगी। संभावित है कि मंगलवार को निगम को फाइल भेजी जाएगी। टेंडर अवार्ड होने के बाद 45 से 60 दिन के भीतर कंपनी को वर्दी मुहैया करवानी होगी।
प्रदेश के शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में 31 दिसंबर को शैक्षणिक सत्र समाप्त होगा। ऐसे में लाखों विद्यार्थी इस साल नई वर्दी से महरूम रह जाएंगे। इन्हें फरवरी महीने में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने पर वर्दी मिल सकेगी। सरकार ने सरकारी स्कूलों में इस बार निजी स्कूलों की तर्ज पर कलरफुल वर्दी देने का फैसला लिया है। शिक्षा निदेशालय ने एक साल तीन साल के लिए वर्दी खरीद के टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस पर करीब 165 करोड़ रुपये खर्च आएगा।