मंडी को 55 साल बाद मिला बजट पेश करने का मौका, पहली बार ये बने थे वित्त मंत्री
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आखिर 55 साल के इंतजार के बाद वो घड़ी आ ही गई जब मंडी का कोई नेता हिमाचल विधानसभा में बजट पेश करेगा। साल 1963 में चच्योट (अब सिराज) के विधायक स्वर्गीय ठाकुर कर्म सिंह ने हिमाचल की पहली विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री बजट पेश किया था।
शुक्रवार को सिराज के विधायक एवं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश का बजट पेश करेंगे। ठाकुर कर्म सिंह हिमाचल के पहले और आखिरी वित्त मंत्री रहे हैं। उनके बाद मुख्यमंत्रियों ने ही अपने पास वित्त विभाग रखा है।
यह परंपरा आज भी कायम है। उल्लेखनीय है कि ठाकुर कर्म सिंह मंडी जिला के ऐसे नेता रहे हैं जो प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भी बन सकते थे।
पहले और आखिरी वित्त मंत्री रहे हैं ठाकुर कर्म सिंह
लेकिन ईमानदार और स्पष्टवादी छवि के नेता ठाकुर कर्म सिंह ने डॉ. वाईएस परमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित कर दिया। उस वक्त डॉ. वाईएस परमार हिमाचल के मुख्यमंत्री बने जबकि ठाकुर कर्म सिंह को पहला वित्तमंत्री मनोनीत किया गया।
1963 में हिमाचल विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार सामने बैठे थे और वित्त मंत्री ठाकुर कर्म सिंह ने उनके समक्ष हिमाचल का पहला बजट पेश किया था।
उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि जब वह स्कूल-कॉलेज में पढ़ते थे तो सिराज से ठाकुर कर्म सिंह की राजनीति से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है।
ठाकुर कर्म सिंह मंडी जिला के बल्ह क्षेत्र के पाली गांव से संबंध रखते थे। उन्होंने अपना फार्म हाउस कमरूघाटी के कुटाहची गांव में बनाया था, जहां उन्होंने अपना अंतिम समय बिताया।