जल रक्षकों के लिए सीएम जयराम ठाकुर ने किया बड़ा ऐलान
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सीएम जयराम ठाकुर ने जल रक्षकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। प्रदेश भर के जल रक्षकों को हिमाचल सरकार नियमित करने के लिए नीति बनाने पर विचार कर रही है।
इसके लिए संबंधित मंत्रियों, अधिकारियों और प्रदेश जल रक्षक संघ के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि आगामी बजट में इनके लिए प्रावधान किया जा सके।
यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को पीटर हाफ में जल रक्षकों के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। संघ पदाधिकारियों ने भी सम्मेलन में नियमित करने और आईपीएच विभाग के तहत लाने की मांग उठाई।
नौ माह में नौ हजार करोड़ की योजनाएं लाई
सीएम ने कहा कि सरकार नौ माह में नौ हजार करोड़ की योजनाएं लाई। संघ ने जो मुद्दे उठाए, उन पर भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी। 2019 के चुनाव में भी मोदी सरकार सत्ता में आनी चाहिए, क्योंकि यह मौजूदा समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार नई थी, जो कर सकते थे, वह हरसंभव मदद की। पानी न आए तो जल रक्षकों की खैर नहीं होती है। सरकार ने सत्ता में आते ही जल रक्षकों के मानदेय में 400 रुपये बढ़ोतरी की।
सीएम ने कहा कि बरसात और बर्फबारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उनसे पूछा कि हिमाचल में बहुत नुकसान हुआ है और लोग बर्फबारी में फंसे हैं। इसके लिए केंद्र ने सात हेलीकॉप्टर भेजे और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला।
22 लोगों को नदियों की बाढ़ से निकाला। अब लोकसभा चुनाव आने वाले हैं और आचार संहिता से पहले बजट लाना है। इसलिए प्रदेश जल रक्षक संघ के प्रतिनिधियों से उनकी दिक्कतों को लेकर चर्चा होगी, ताकि कोई नीति बनाई जा सके।
सरकार ने जल रक्षकों का मानदेय बढ़ाया
इससे पहले आईपीएच मंत्री महेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जल रक्षकों का मानदेय बढ़ाया है। अभी तक जो मुख्यमंत्री रहे, उनका आचरण यह रहा है कि चार साल कुछ न करो और पांचवें साल घोषणाएं कर दो।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पहले साल से विकास को तरजीह दी है। लोकसभा चुनाव जल्दी आने वाले हैं और बजट सत्र जनवरी, 2019 में होना है। जल रक्षक दो माह इंतजार करें, उनके हित में काम होगा।
हिमाचल प्रदेश जल रक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बली राम शर्मा ने कहा कि जल रक्षकों को आईपीएच के तहत लाया जाए। पंचायतों के अधीन रहने से जल रक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता। तीन साल में अनुबंध में लाया जाए। जिनका कार्यकाल 12 साल पूरा हो चुका है, उन्हें नियमित किया जाए।