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किसी भी कर्मचारी गुट को नाराज नहीं करना चाहते जयराम

Mon, 18 Feb 2019 10:47 AM IST
अरविन्द ठाकुर राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 18 Feb 2019 10:47 AM IST
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CM jairam thakur and arajpatrit sangh employees story

लोकसभा चुनाव से पहले जयराम सरकार एनजीओ (अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ) के किसी भी गुट को नाराज नहीं करना चाहती है। इसी का नतीजा है कि सरकार के गठन के एक साल बाद भी एनजीओ के किसी भी गुट को मान्यता नहीं दे रही है।

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प्रदेश में कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सभी गुटों ने अपने-अपने बैनर तले ब्लॉक और जिला स्तरीय कार्यकारिणियों का गठन कर लिया है, लेकिन चुनावों के आगे सरकार से मान्यता की ओर कदम नहीं बढ़ पाए हैं। ऐसे में प्रदेश में किसी भी गुट को सरकार से मान्यता नहीं मिल पाई है। प्रदेश में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के दायरे में विभिन्न विभागों के करीब पौने दो लाख से भी अधिक कर्मचारी आते हैं।  
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तीन बार भेजा मान्यता के लिए पत्र: एनआर 
86 विभागीय संगठनों, प्रदेश में 114 ब्लॉक और 12 जिलों की कार्यकारिणी का गठन कर लिया गया है। सरकार को तीन बार मान्यता के लिए पत्र भेजा है, लेकिन अभी तक सरकार से कोई भी जवाब नहीं आया है। - एनआर ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर गुट प्रदेशाध्यक्ष पद से दावेदार

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एक मंच पर नहीं आ रहे कर्मी : अश्वनी

CM jairam thakur and arajpatrit sangh employees story

प्रदेश में एनजीओ के किसी भी गुट को मान्यता न मिलना कर्मचारी नेताओं का ही दोष है। कर्मचारी स्वयं एक मंच पर नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में सरकार किसको मान्यता दे। यह असमंजस है। ब्लॉक और जिला स्तर पर कार्यकारिणियों का गठन कर लिया गया है।
- अश्वनी ठाकुर, जयराम ठाकुर गुट प्रदेशाध्यक्ष से दावेदार 

विघटन पर खड़ी कर्मचारी राजनीति: विनोद 
अभी तक किसी भी गुट ने सरकार के समक्ष दावा ही नहीं किया है। प्रदेश में कर्मचारी राजनीति विघटन में खड़ी है। ऐसे में कर्मचारियों को छोटी-छोटी समस्याएं लेकर प्रतिनिधिमंडल सरकार के पास तो पहुंच रहे हैं, लेकिन उस पर काम नहीं हो पा रहा। कर्मचारियों की अथॉराइज्ड बॉडी नहीं है। इससे कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। - विनोद ठाकुर, एनजीओ तदर्थ कमेटी के चेयरमैन एवं प्रदेशाध्यक्ष के दावेदार 

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