विधायक से जुड़े ऊना शराब प्रकरण पर पुलिस को क्लीन चिट, सरकार को सौंपी रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊना शराब प्रकरण में कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा के पीएसओ और चालक पर पुलिस कार्रवाई की सीआईडी जांच पूरी हो गई है। जांच में सामने आया है कि पुलिस ने विधायक के पीएसओ और चालक पर नियमानुसार कार्रवाई की है।
सीएम के आदेश पर आईजी सीआईडी क्राइम ज्ञानेश्वर सिंह की निगरानी में एसपी क्राइम रमन कुमार मीणा को जांच दी गई थी। 15 दिन के अंदर जांच पूरी कर सीआईडी ने उसे अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार को दे दिया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद अब सरकार इस मामले में कार्रवाई करेगी। सूत्रों के अनुसार जांच में कांग्रेस के सभी आरोप गलत साबित हुए। जांच में पाया गया कि शराब मामले में जिस आरोपी पर पुलिस ने कार्रवाई की, वह नियमानुसार थी।
साथ ही जांच में यह बात भी सही मिली कि पुलिस कार्रवाई के दौरान विधायक के पीएसओ और चालक ने व्यवधान डाला और रोके जाने पर पुलिस कर्मियों से हाथापाई की। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ नियमानुसार ही कार्रवाई की।
हथकड़ी पहनाने के मामले में पुलिस के खिलाफ टिप्पणी
बता दें कि विधानसभा सत्र के दौरान सदन में पहले दो दिन कांग्रेस सदस्यों ने विधायक के पीएसओ और चालक पर कार्रवाई को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी। साथ ही एसपी को हटाने और जांच की भी मांग की थी। इस दौरान एसपी ऊना दिवाकर शर्मा इंडक्शन ट्रेनिंग पर चले गए और जांच सीआईडी को दे दी गई।
दोनों आरोपियों को हथकड़ी पहनाने के मामले में सीआईडी ने स्थानीय पुलिस कर्मियों के खिलाफ टिप्पणी की है। माना जा रहा है कि एसपी को तो मामले में क्लीन चिट मिल जाएगी, लेकिन स्थानीय पुलिस कर्मियों पर इस मामले में कार्रवाई हो सकती है।