{"_id":"5da742d18ebc3e93b24e4b75","slug":"clean-chit-to-half-a-dozen-officers-and-employees-including-pwd-s-xen","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन समेत आधा दर्जन अफसरों और कर्मचारियों को क्लीन चिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन समेत आधा दर्जन अफसरों और कर्मचारियों को क्लीन चिट
Thu, 17 Oct 2019 12:37 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Oct 2019 12:37 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनाली में सड़क निर्माण में धांधली के एक आरोप में विजिलेंस ने जांच पूरी कर पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईएन सुरेश कुमार धीमान समेत करीब आधा दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी। विजिलेंस ब्यूरो को जांच में तथ्य नहीं मिले, जिसके बाद जांच बंद करने की सरकार को संस्तुति की है। यह मामला मनाली की बाहणूनाला-शामीनाला- जगतसुख सड़क से संबंधित है।
विज्ञापन
शिकायत को आधार बनाकर विजिलेंस ने इस मामले में गोपनीय जांच शुरू की थी। इस शिकायत में आरोप थे कि वर्ष 2010 से 2014 के बीच तत्कालीन उपायुक्त कुल्लू और जिला योजना अधिकारी कुल्लू ने बाहणूनाला से शामीनाला और शामीनाला से जगतसुख के लिए संपर्क मार्ग निकालने को 26 लाख रुपये जारी किए। यह राशि लोेक निर्माण विभाग के मंडल-दो कुल्लू को जारी की।
विज्ञापन
इस पर विजिलेंस के कुल्लू थाने ने जांच की। इसमें पाया गया कि इस सड़क में बजट के इस्तेमाल में तत्कालीन अधिशासी अभियंता कुल्लू या किसी अन्य अधिकारी और कर्मचारी ने कोई धांधली नहीं की जैसे कि उन पर आरोप थे। जांच के दौरान पाया कि 26 लाख रुपये में से 12,30,000 रुपये सड़क तैयार करवाने में खर्च हो गए, शेष बचे 13,70,000 रुपये लोक निर्माण विभाग के मंडल-दो कुल्लू के डिपाजिट खाते में हैं।
विज्ञापन
इस सड़क को कुछ स्थानीय लोगों की ओर से अलग-अलग दिशा में ले जाने की कोशिश पर विवाद खड़ा हो गया। सड़क के लिए गिफ्ट डीड नहीं मिलने के कारण काम रोका गया। इस बारे में विजिलेंस ने कई अधिकारियों के बयान लिए। इसमें यह भी पाया गया कि बनी सड़क बारिश और बरसात के कारण भी जगह-जगह से ढह गई है। तत्कालीन एक्सईएन, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और कुछ अन्य कर्मचारी भी इस मामले की जांच की जद में आ गए थे। अब इन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। इसके बाद जांच को सरकार से बंद करने की भी संस्तुति की गई है।