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तो क्या ठेकेदारों से मिला है आईजीएमसी प्रबंधन?

Fri, 21 Nov 2014 09:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 21 Nov 2014 09:55 PM IST
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citu protest againest igmc.

आईजीएमसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने मांगों को लेकर डीसी दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने मांग की है कि अस्पताल में कार्यरत 450 कर्मचारियों, वार्ड अटैंडेंट, सुरक्षा कर्मियों, ईसीजी स्टाफ और मेस कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

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कर्मचारियों को छुट्टियों, डबल ओवर टाइम, मेडिकल, चेंजिंग रूम, वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की सुविधाएं भी मुहैया करवाएं। मांग की है कि न्यूनतम वेतन और ईपीएफ विसंगतियों को दूर करें। यूनियन ने अस्पताल प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया।
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प्रदर्शन में सीटू राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा, राज्य कोषाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष बचन नेगी, किशोरी डटवालिया, विनोद बिरसांटा, पूर्ण चंद, जगदीश, पवन शर्मा, मनोहर शर्मा, बालक राम, प्रेम चंदेल, यूनियन अध्यक्ष बाला राम, उमा, वेद प्रकाश, सोनिया, पिंकी, आशीष, टेक चंद, अनूप, सीता, बबली, पूनम, इंद्रकला, पुन्नी देवी, अनीता, सोनी देवी, संजू, सीमा, विश्वास, कृष्णा, सुरेंद्रा, ज्योतना, मदन, जगदीश और हरीश मेहता ने भाग लिया।
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यूनियन ने आईजीएमसी प्रशासन पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाया है। यूनियन के अध्यक्ष बाला राम ने कहा कि प्रशासन काफी समय से ठेका कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रहा है। मांगों को लेकर कर्मचारी कई बार अस्पताल प्रबंधन से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन हर बार प्रशासन ने मांगों को अनसुना किया है। अस्पताल में कांट्रेक्ट चलाने वाले ठेकेदार श्रम कानूनों और नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं लेकिन अस्पताल प्रबंधन मौन है क्योंकि उसकी ठेकेदारों से मिलीभगत है।

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