{"_id":"651579fcd68a6603cf0268f4","slug":"choose-the-right-website-for-banking-related-work-shimla-news-c-19-sml1001-236981-2023-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: बैंकिंग से जुड़े कार्यों के लिए चुनें सही वेबसाइट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: बैंकिंग से जुड़े कार्यों के लिए चुनें सही वेबसाइट
विज्ञापन
बालूगंज स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में साइबर विशेषज्ञ करणदीन ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
फेसबुक और टिवटर अकाउंट का पासवर्ड रखें मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य के लिए हमेशा सही वेबसाइट चुनें। इसके लिए सही यूआरएल डालना जरूरी है। ध्यान रहे कि जब भी आप किसी पेज पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड डाल रहे हैं तो उस पेज का यूआरएल एचटीटीपीएस (URL https) से शुरू होना चाहिए। यह जानकारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बालूगंज में आयोजित अमर उजाला के विशेष अभियान पुलिस की पाठशाला में साइबर विशेषज्ञ करणदीप ने दी।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराध को कंप्यूटर अपराध भी कहा जाता है। साइबर अपराध एक प्रकार की अवैध गतिविधि है जो इंटरनेट या डिजिटल माध्यमों से की जाती है। लोग कभी बैंक कॉल के नाम पर तो कभी एटीएम के नाम पर ठगी के शिकार हो रहे हैं। लोग अब ग्राहक ओटीपी और सीवीसी नंबर देने सेे बचने लगेे हैं लेकिन साइबर ठगों ने अब नए तरीके निकाल लिए हैं। इसमें हैकर सबसे पहले आपकी आईडी को हैक कर लेता है। इसके बाद आपके नाम पर आपके परिवार के लोगों या नजदीकी दोस्तों से यह कहकर पैसा मांगता है कि वह किसी बहुत बड़ी मुसीबत में हैं। इसके अलावा पहले आपके फोन पर पैसे आने का मैसेज आएगा, उसके तुरंत बाद आपको किसी अनजान व्यक्ति का फोन आएगा वो कहेगा कि गलती से उसके पैसे आपके अकाउंट में आ गए हैं। वह लाचार व्यक्ति बनकर आपसे पैसे वापस मांगेगा, जो आपके अकाउंट में आए ही नहीं होंगे। करणदीप ने बताया कि इस तरह की ठगी होने के बाद डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। इसके तुरंत बाद पुलिस को ठगी के खिलाफ शिकायत करवा देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें। इसके अलावा फेसबुक अकाउंट टिवटर अकाउंट आईडी का पासवर्ड मजबूत रखें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जानकारी दें। अध्यापक डॉ. राजेश शर्मा ने मंच का संचालन किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मिली जानकारी पर करें अमल : केसी शर्मा
बालूगंज स्कूल के प्रधानाचार्य केसी शर्मा ने बताया कि आज का जमाना इंटरनेट का है। इंटरनेट से मिलने वाली सुविधाओं का जितना फायदा है उतना ही नुकसान भी है। इसका शिकार ज्यादातर किशोर उम्र के विद्यार्थी होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम से मिली जानकारी को अपने जीवन में अपनाने के लिए कहा।
विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर पाया समाधान
नौवीं कक्षा के अनमोल ने पूछा कि साइबर ठगी होने वाली है इसका पता कैसे लगाएं और इससे कैसे बचा जाए। विशेषज्ञ ने कहा कि अनजान फोन कॉल आए तो सावधान हो जाएं। ठगी होने पर तुरंत पुलिस को शिकायत देें। नौवीं कक्षा की महक ने पूछा कि अगर कोई आपकी निजी फोटो को शेयर करके उसका गलत इस्तेमाल करे तो क्या करें। विशेषज्ञ ने बताया कि इस तरह की घटना होने पर तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाएं। दसवीं कक्षा के सूरज चौहान ने पूछा कि डार्क वेब क्या है और यह कैसे काम करता है। करणदीप ने बताया कि डार्क वेब इंटरनेट का वो हिस्सा है जहां वैध और अवैध दोनों तरीके के कार्यों को अंजाम दिया जाता है। दसवीं कक्षा के वंश ने कहा कि मेरे दोस्त के साथ भी साइबर ठगी हुई है। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हो गया था। कार्यक्रम से इससे निपटने की महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
विज्ञापन
फेसबुक और टिवटर अकाउंट का पासवर्ड रखें मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य के लिए हमेशा सही वेबसाइट चुनें। इसके लिए सही यूआरएल डालना जरूरी है। ध्यान रहे कि जब भी आप किसी पेज पर अपना यूजर आईडी और पासवर्ड डाल रहे हैं तो उस पेज का यूआरएल एचटीटीपीएस (URL https) से शुरू होना चाहिए। यह जानकारी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बालूगंज में आयोजित अमर उजाला के विशेष अभियान पुलिस की पाठशाला में साइबर विशेषज्ञ करणदीप ने दी।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराध को कंप्यूटर अपराध भी कहा जाता है। साइबर अपराध एक प्रकार की अवैध गतिविधि है जो इंटरनेट या डिजिटल माध्यमों से की जाती है। लोग कभी बैंक कॉल के नाम पर तो कभी एटीएम के नाम पर ठगी के शिकार हो रहे हैं। लोग अब ग्राहक ओटीपी और सीवीसी नंबर देने सेे बचने लगेे हैं लेकिन साइबर ठगों ने अब नए तरीके निकाल लिए हैं। इसमें हैकर सबसे पहले आपकी आईडी को हैक कर लेता है। इसके बाद आपके नाम पर आपके परिवार के लोगों या नजदीकी दोस्तों से यह कहकर पैसा मांगता है कि वह किसी बहुत बड़ी मुसीबत में हैं। इसके अलावा पहले आपके फोन पर पैसे आने का मैसेज आएगा, उसके तुरंत बाद आपको किसी अनजान व्यक्ति का फोन आएगा वो कहेगा कि गलती से उसके पैसे आपके अकाउंट में आ गए हैं। वह लाचार व्यक्ति बनकर आपसे पैसे वापस मांगेगा, जो आपके अकाउंट में आए ही नहीं होंगे। करणदीप ने बताया कि इस तरह की ठगी होने के बाद डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। इसके तुरंत बाद पुलिस को ठगी के खिलाफ शिकायत करवा देनी चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें। इसके अलावा फेसबुक अकाउंट टिवटर अकाउंट आईडी का पासवर्ड मजबूत रखें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर जानकारी दें। अध्यापक डॉ. राजेश शर्मा ने मंच का संचालन किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मिली जानकारी पर करें अमल : केसी शर्मा
बालूगंज स्कूल के प्रधानाचार्य केसी शर्मा ने बताया कि आज का जमाना इंटरनेट का है। इंटरनेट से मिलने वाली सुविधाओं का जितना फायदा है उतना ही नुकसान भी है। इसका शिकार ज्यादातर किशोर उम्र के विद्यार्थी होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम से मिली जानकारी को अपने जीवन में अपनाने के लिए कहा।
विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर पाया समाधान
नौवीं कक्षा के अनमोल ने पूछा कि साइबर ठगी होने वाली है इसका पता कैसे लगाएं और इससे कैसे बचा जाए। विशेषज्ञ ने कहा कि अनजान फोन कॉल आए तो सावधान हो जाएं। ठगी होने पर तुरंत पुलिस को शिकायत देें। नौवीं कक्षा की महक ने पूछा कि अगर कोई आपकी निजी फोटो को शेयर करके उसका गलत इस्तेमाल करे तो क्या करें। विशेषज्ञ ने बताया कि इस तरह की घटना होने पर तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाएं। दसवीं कक्षा के सूरज चौहान ने पूछा कि डार्क वेब क्या है और यह कैसे काम करता है। करणदीप ने बताया कि डार्क वेब इंटरनेट का वो हिस्सा है जहां वैध और अवैध दोनों तरीके के कार्यों को अंजाम दिया जाता है। दसवीं कक्षा के वंश ने कहा कि मेरे दोस्त के साथ भी साइबर ठगी हुई है। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हो गया था। कार्यक्रम से इससे निपटने की महत्वपूर्ण जानकारी मिली।