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बच्चों के दाखिले के लिए देना होगा ये प्रमाणपत्र, सरकार ने नई नीति अधिसूचित की

Wed, 24 Oct 2018 06:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 24 Oct 2018 06:00 AM IST
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child vaccination certificate is now compulsory for admission in schools of himachal pradesh

हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिला लेने के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र पेश करना होगा। राज्य सरकार ने सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए नई नीति अधिसूचित कर दी है। हालांकि, केजी कक्षा में प्रवेश लेने की स्थिति में यह शर्त नहीं रहेगी। टीकाकरण प्रमाणपत्र निजी संस्थान में भी देने होंगे।

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अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने इसकी अधिसूचना जारी की है। पूर्व टीकाकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने में विफल रहने की स्थिति में किसी भी बच्चे को स्कूल में प्रवेश से वंचित तो नहीं रखा जाएगा। यानी कि दाखिला ऐसे बच्चों को भी मिलेगा जिनके पास ये प्रमाणपत्र नहीं हैं, मगर इनकी सूची बनेगी। इस सूची को स्कूल प्रिसिंपल या नोडल शिक्षक खंड चिकित्सा अधिकारी के पास जमा करवाया जाएगा।

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सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों के लिए भी व्यवस्था

child vaccination certificate is now compulsory for admission in schools of himachal pradesh

बीएमओ बच्चे के टीकाकरण के लिए उस क्षेत्र की एएनएम और आशा वर्कर को सूचित करेंगे। अगर कोई बच्चा पूर्ण टीकाकरण से वंचित पाया गया तो उसका तीन महीने के भीतर टीकाकरण किया जाएगा। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पहली क्लास में प्रवेश के समय टीकाकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की नीति लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इसके अनुसार यह सुनिश्चित करना होगा कि हिमाचल प्रदेश के हर बच्चे का पहली कक्षा में दाखिला लेने से पहले पांच साल तक की आयु तक टीकाकरण कार्यक्रम पूरा हो गया है। बच्चे के निवास क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ता यह प्रमाणपत्र जारी करेंगे कि उसका उपयुक्त टीकाकरण हो चुका है। नई नीति के मुताबिक पूर्ण टीकाकरण प्रमाणपत्र स्वास्थ्य उपकेंद्र या शहरी एमसीएच केंद्रों के स्तर पर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक या कार्यकर्ता की ओर से जारी किया जाएगा। 

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि ये प्रमाणपत्र सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्रस्तुत करने होंगे। जो भी स्कूल सीबीएसई, आईसीएसई और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत आते हैं। यह व्यवस्था उन सभी स्कूलों में लागू होगी।

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