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धर्मशाला: पीसमील वर्करों की मांगों पर जल्द विचार करेंगे मुख्यमंत्री, मंत्री वीरेंद्र कंवर विस में दिया जवाब
Wed, 15 Dec 2021 08:55 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 15 Dec 2021 08:55 PM IST
सार
मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पथ परिवहन निगम में कार्यरत सैकड़ों पीस मील कर्मचारियों की मांगों पर जल्द मुख्यमंत्री विचार करेंगे। कहा कि विभाग की बैठक न होने के कारण कोरोना काल में बंद हुए कई बसों के रूट बहाल नहीं हो सके हैं। सरकार जल्द सभी जरूरी रूटों को फिर से शुरू करने का प्रयास कर रही है।
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मंत्री वीरेंद्र कंवर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में कार्यरत सैकड़ों पीस मील कर्मचारियों की मांगों पर जल्द मुख्यमंत्री विचार करेंगे। यह बात मंत्री वीरेंद्र कंवर ने नियम-130 के तहत विधायक जीतराम कटवाल के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कही। इस दौरान कई सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने एचआरटीसी के संबंधित आ रही समस्याओं पर चर्चा की। कोरोना काल में बंद हुए परिवहन के बस रूटों को जल्द बहाल करने की मांग उठाई गई। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में छोटी बसें चलाने की भी मांग की है।
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इसका जवाब देते हुए मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि विभाग की बैठक न होने के कारण कोरोना काल में बंद हुए कई बसों के रूट बहाल नहीं हो सके हैं। सरकार जल्द सभी जरूरी रूटों को फिर से शुरू करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में जल्द स्वर्ण जयंती योजना के अंतर्गत 18 सीटर बस सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेरवां में एचआरटीसी बस डिपो जल्द खोला जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों के कई महत्वपूर्ण बस रूटों को फिर से शुरू किया जाएगा।
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सेल्फ फाइनेंस प्रोफेशनल कोर्सेज के स्टाफ पर बनेगी नीति
स्ववित्त पोषित (सेल्फ फाइनेंस) व्यवस्था के तहत प्रदेश के महाविद्यालयों में प्रोफेशनल कोर्सेज के शैक्षिक और गैर-शैक्षिक स्टाफ के लिए नीति बनाने को सरकार नीति बनाएगी। इसके के लिए जल्द समिति का गठन होगा। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने यह जानकारी सदन में विधानसभा सदस्य नरेंद्र ठाकुर के लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दी।
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बताया कि 1996 में प्रदेश में पहली बार मंडी और धर्मशाला कॉलेज में प्रोफेशनल कोर्सों की शुरुआत की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के 39 महाविद्यालयों में 6,952 विद्यार्थी प्रोफेशनल शिक्षा ले रहे हैं। इन कोर्सेज को चलाने में 278 शैक्षिक और 193 गैर-शैक्षिक कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।