मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साफ किया कि राज्य मंत्रिमंडल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। मंत्रिमंडल में जो मंत्री पहले से बने हुए है, वही बने रहेंगे। सरकार विधानसभा सत्र बुलाने की तिथि पर जल्द विचार करेगी। वह वीरवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कोष में धन की कोई कमी नहीं है और प्रदेश की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में उड़ाई जा रही अफवाहें तथ्यों से परे हैं।
संसाधन जुटाने के लिए गठित की गई उप-समिति का कार्य सार्थक उपायों के माध्यम से प्रदेश की आय बढ़ाने के विकल्प पर कार्य करना है। कैबिनेट सब कमेटी का गठन विशेष उद्देश्य तथा अल्पकाल के लिए किया गया है।
भाखड़ा बांध में हिस्सेदारी कम बर्दाश्त नहीं करेंगे
कमेटी का अध्यक्ष सबसे वरिष्ठ सदस्य को बनाया गया है और समिति के सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वरिष्ठ सदस्य तथा अध्यक्ष की गैर मौजूदगी में समिति की जिम्मेवारी दूसरे स्थान पर नियुक्त सदस्य को निभानी होगी।
पांचवीं तथा आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के बारे में पूछे गए प्रश्न के जबाव में मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं के बिना विद्यार्थी का मूल्यांकन करना मुश्किल होता है। प्रारंभिक स्तर से शिक्षा का स्तर तथा गुणात्मक शिक्षा बनाए रखने के लिए वार्षिक परीक्षाएं अनिवार्य हैं।
अध्यापकों का मूल्यांकन करने की भी आवश्यकता है। प्राथमिक शिक्षा में परीक्षा को नकारने का परीक्षण असफल रहा है। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाखरा नांगल बांध में दी जा रही प्रदेश की हिस्सेदारी अगर कम हुई तो उसे हिमाचल बर्दाश्त नहीं करेगा। हिमाचल अपने हित को जरूर देखेगा।