छिन्नमस्तिका जयंती: ऊना में मां चिंतपूर्णी को लगेंगे छप्पन तरह के भोग, होगी विशेष पूजा
पुजारी रविंद्र छिंदा ने कहा कि पंजाब के श्रद्धालु किशन मित्तल की ओर से मंदिर की सजावट करवाई गई है और रंग बिरंगे फूलों से सजा मंदिर काफी सुंदर लग रहा है।
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प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी की जयंती पर इस बार भी पांच मई को विशेष पूजा-अर्चना होगी। माता रानी को विशेष रूप से तैयार किए गए छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। मां चिंतपूर्णी की जयंती पर किसी भी श्रद्धालु को केक और पेस्ट्री लाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं करने की बात कही है। चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी रविंद्र छिंदा ने कहा कि पांच मई को चिंतपूर्णी माता की जयंती के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु मां के दरबार में केवल हलवा, ड्राई फ्रूट और फल आदि ही चढ़ाएं।
इसके अलावा मंदिर लंगर हॉल में जयंती पर विशेष कांगड़ी धाम परोसी जाएगी। पुजारी रविंद्र छिंदा ने कहा कि पंजाब के श्रद्धालु किशन मित्तल की ओर से मंदिर की सजावट करवाई गई है और रंग बिरंगे फूलों से सजा मंदिर काफी सुंदर लग रहा है। चिंतपूर्णी मंदिर में छिन्नमस्तिका जयंती को लेकर वीरवार को मंदिर में पुजारी वर्ग की तरफ से 24 घंटे हवन किया जा रहा है। यह हवन शुक्रवार सुबह 11 बजे तक चलेगा।
वीरवार सुबह डीसी राघव शर्मा अपनी पत्नी के साथ चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचे और माता रानी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने भी छिन्नमस्तिका जयंती के उपलक्ष्य पर मंदिर में चलने वाले हवन में हिस्सा लिया और आहुतियां डालीं। इसके बाद पुजारी वर्ग की तरफ बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा, पुजारी भूषण कालिया, पुजारी संदीप कालिया ने डीसी ऊना को माता रानी की चुनरी और प्रसाद भेंट किया। पुजारी वर्ग की तरफ से हर साल छिन्नमस्तिका जयंती को बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है।