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हिमाचल में बंद रहीं ज्यादातर निजी दवा दुकानें, लोग बेहाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 28 Sep 2018 09:32 AM IST
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हिमाचल में शुक्रवार को दवाइयों की निजी दुकानें बंद होने से कई जगह लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी दुकानों में सभी दवाएं उपलब्ध न होने से लोग दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
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जिला शिमला, कुल्लू, ऊना, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में हड़ताल का खासा असर रहा। ऑन लाइन दवा बिक्री का हिमाचल में सोसाइटी आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन विरोध कर रही है।
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राष्ट्रीय कॉल पर हिमाचल में वीरवार रात 11 बजे से शुक्रवार शाम तक दवा की दुकानें बंद रहीं।जिला ऊना में दवा विक्रेताओं की हड़ताल का व्यापक असर आम लोगों पर पड़ा है।
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जिले में मेडिकल स्टोर बंद रहे। शिमला में भी यही हाल रहा। सोलन में सुबह से शाम तक सिविल सप्लाई एवं जन औषधि केंद्र के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। कुल्लू में दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में कुल 200 दुकानें बंद रहीं।
काले बिल्ले लगाकर दवा विक्रेताओं ने विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव पंडित ने बताया कि केेंद्र ने 28 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर ऑनलाइन दवा बिक्री को नियमित करना प्रस्तावित किया है।इसके विरोध में दवा की निजी दुकानें बंद रखी गईं।
मंडी जिले के सुंदरनगर, गोहर और थुनाग में दवा दुकानें बंद रही। चंबा जिले के अलावा रामपुर और किन्नौर जिले में मेडिकल केमिस्ट एसोसिएशन ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया। चंबा, किन्नौर जिले और रामपुर के दवा विक्रेताओं ने इस हड़ताल का समर्थन न करते हुए शुक्रवार को दुकानें खुली रखीं।