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लेटर बम से जुड़े किरदार परमार और रवि के करीबी, ऐसे सामने आया पूर्व मंत्री का नाम

Thu, 12 Sep 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 12 Sep 2019 05:00 AM IST
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Characters associated with letter bomb are close to Parmar and ravinder ravi Ravi
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के धर्मशाला में लेटर बम से जुड़े किरदार परमार और रवि के करीबी माने जा रहे हैं। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों वाले पत्र के सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में पूर्व मंत्री रविंद्र रवि का नाम आने के बाद सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

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शांता कुमार के नाम लिखे हुए पत्र पर भवारना थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में सामने आया है कि सियासी पटकथा के शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों पात्र विपिन परमार और रविंद्र रवि के करीबी हैं। पत्र वायरल करने के आरोपी मनोज मसंद पूर्व मंत्री रविंद्र रवि और एफआईआर दर्ज करवाने वाले वकील दिलबाग सिंह परमार स्वास्थ्य मंत्री के करीबी हैं। 

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लेटर बम मामले में ऐसे आया रवि का नाम

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सांकेतिक तस्वीर

विपिन परमार, बिक्रम ठाकुर, जयराम ठाकुर और शांता कुमार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों वाले पत्र के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शांता कुमार ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी। सूत्रों की मानें तो बिना तथ्यों के आरोप लगने के बाद विपिन परमार ने मामले को अंजाम तक पहुंचाने की ठानी।

परमार के करीबी वकील दिलबाग सिंह परमार ने भवारना थाने में सोशल मीडिया में पत्र वायरल करने के आरोपी मनोज मसंद के खिलाफ धमकी देने की शिकायत दर्ज करवाई। दिलबाग ने आरोप लगाया कि उसने मनोज मसंद को फोन करके सोशल मीडिया में झूठी पोस्ट डालने को लेकर पूछा तो उसे धमकी दी गई। इसके बाद भवारना थाने में मामला दर्ज हुआ।

पुलिस पूछताछ में आरोपी मनोज मसंद ने कहा कि उसे यह पत्र पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने भेजा था। इसके बाद पुलिस ने रविंद्र सिंह रवि का मोबाइल कब्जे में लेकर पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में रविंद्र सिंह ने कहा कि वायरल हुआ मैसेज उन्हें भी कहीं और से आया था जिसे उन्होंने आगे फारवर्ड किया। ऐसे कई मैसेज आते रहते हैं।

पुलिस इस मामले की तह तक जाए। डीएसपी पालमपुर अमित शर्मा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। शिकायतकर्ता स्वास्थ्य मंत्री के वकील हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उन्हें धमकी दी थी जिस पर मामला दर्ज किया गया। जांच में पूर्व मंत्री का नाम सामने आया। एफआईआर दर्ज होने के बाद हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। 

कानून अपने तरीके से कर रहा काम : परमार

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लेटर बम पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि कानून अपने तरीके से काम कर रहा है। पुलिस जांच चल रही है। जो भी कार्रवाई होगी, उन्हें मान्य होगी। 

शांता और रवि ने प्रतिक्रिया देने से किया इंकार
पूर्व सीएम शांता कुमार ने इस मामले में कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह दो तीन दिन बाद इस मामले पर बोलेंगे।



 
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रविंद्र रवि पर धूमल मौन, सत्ती बोले - पुलिस जांच का इंतजार

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सतपाल सत्ती - फोटो : social media

भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया में जारी हुए पत्र बम मामले में पूर्व सीएम प्रो. धूमल ने कुछ भी कहने से इंकार किया है।

बुधवार को ऊना पहुंचे धूमल इस मामले में पूर्व मंत्री रविंद्र रवि के नाम पर मौन रहे। हालांकि, उनके साथ मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि एफआईआर हुई है, जांच के बाद ही पार्टी स्तर पर इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा। 

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