अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की शान बनने पहुंचे चामुर्थी घोड़े
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के लिए स्पीति के लरी से चामुर्थी घोड़े ज्यूरी पहुंच गए हैं। ये चामुर्थी घोड़े रामपुर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की अश्व प्रदर्शनी की शान बनेंगे। स्पीति के शीत मरुस्थल में पाए जाने वाले इन घोड़ों को हिमाचल की शान कहा जाता है।
वर्तमान में भारत में घोड़ों की कुल छह नस्लें ही राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार द्वारा मान्य है, जिसमें राज्य की लाहौल स्पीति की पिन घाटी की स्पीति या चामुर्थी नस्ल शामिल है। सुंदर, शालीन एवं अत्यंत समझदार अश्व अपने विशेष गुणों के कारण शीत मरुस्थल स्पीति में अपने अस्तित्व के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।
इस नस्ल के विकास के बारे में कोई ठोस अनुमान नहीं है, लेकिन घाटी के लोगों का मानना है कि संभवत: तिब्बत के जंगली अश्वों से विकसित हुआ है। चामुर्थी तिब्बत में एक गांव है और उस समय भारत तिब्बत व्यापार जोकि शिपकी ला से होता था। वहीं से यह स्पीति में आया और इसका नाम स्पीति पड़ा। इसकी शुद्ध नस्ल मुख्य रूप से स्पीति की पिन घाटी में पाई जाती है।
श्योर फुटेड है इसकी खासियत
इस नस्ल की अपनी कई खूबियां हैं, जिनके कारण यह स्पीति और किन्नौर के शून्य से कम तापमान, ऊंचाई और दुर्गम क्षेत्रों में भी सुगमता से अपना कार्य करता है। यह एक श्योर फूटेड पशु है, यानि के जहां पांव रख दिया वहां से वह हिलता नहीं। जिसका श्रेय इसके पांव या खुर की बनावट को जाता है। इसके इलावा इस के फेफड़ों की क्षमता और खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी अधिक है।
इसके चलते यह अति ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां ऑक्सीजन की मात्रा बहुत ही कम है, वहां भी अपना कार्य आसानी से करता है। इसकी टांगों के लंबाई कम होती है, जिसके कारण यह अपना संतुलन पहाड़ी क्षेत्रों में बनाए रखता है। इन्हीं गुणों के कारण भारत तिब्बत बॉर्डर पुलिस फोर्स द्वारा इनका इस्तेमाल सीमा के अति दुर्गम क्षेत्रों में सामान की ढुलाई के लिए भी किया जाता है।
स्पीति के लरी में चल रहा अश्व प्रजनन केंद्र
प्रदेश के पशुपालन विभाग ने इस नस्ल के बचाव के लिए स्पीति के लरी में अश्व प्रजनन केंद्र चलाया जा है। यहां शुद्ध स्पीति घोड़ों का प्रजनन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के प्रारंभ होने से पूर्व रामपुर बुशहर में अश्व प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाता है, जिसकी वर्षों से चामुर्थी शान और आकर्षण का केंद बना हुआ है।
पशुपालन विभाग ज्यूरी के डॉ. गुलशन ने कहा कि चामुर्थी घोड़े पशुपालन विभाग की भी शान है। इसकी नस्ल को बचाने के लिए विभाग स्पीति के लरी प्रजनन केंद्र बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।