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गैर हिमाचली को कृषक प्रमाण पत्र देने पर पटवारी-तहसीलदार के खिलाफ कोर्ट में चालान
Sat, 27 Mar 2021 10:18 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 27 Mar 2021 10:18 PM IST
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स्पेशल जज के कोर्ट में चालान पेश किया।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के कुल्लू जिले में फर्जीवाडे़ का हाई प्रोफाइल मामला सामने आया है। 1997 में जिला मुख्यालय में तैनात तहसीलदार और पटवारी ने अर्जी नवीस के साथ मिलकर एक बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी एक व्यक्ति को हिमाचली कृषक प्रमाणपत्र दिलाने के लिए एक मृतक की वसीयत में गड़बड़ी कर उसे मृतक का धर्मपुत्र बता गया।
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राजस्व विभाग ने उसे अखाड़ा बाजार का बाशिंदा होने का प्रमाणपत्र जारी कर दिया। खास बात यह है कि मृतक का असली धर्मपुत्र पहले ही स्वर्ग सिधार गया था। तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी ने गैर पंजीकृत वसीयत बनाई और धर्मपुत्र को हिमाचली साबित कर दिया।
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इसका फायदा उठाकर उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी व्यक्ति सोलन जिले में 22 बीघा जमीन लेने में कामयाब हो गया। 2009 में इस संबंध में विजिलेंस विभाग ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच पूरी करने के बाद शनिवार को कुल्लू स्पेशल जज के कोर्ट में चालान पेश कर दिया। तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ केस दर्ज करने और चालान पेश करने के लिए विजिलेंस ने सक्षम अथॉरिटी से अनुमति ली है। इस हाईप्रोफाइल फर्जीवाड़े को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विजिलेंस कुल्लू के डीएसपी अजय बौध ने कहा कि मामले को लेकर विजिलेंस ने 118 का उल्लंघन करने शनिवार जिला कुल्लू की विशेष अदालत में चालान पेश किए गए हैं। लगवैली की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला के बेटे ने नोएडा के एक व्यक्ति के साथ मिलकर फर्जी तरीके से कृषक प्रमाणपत्र बनाया है।
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