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Himachal News: केंद्र के कड़े निर्देश, दस दिन में जारी करें पंचायतों को बजट, वरना ब्याज दें
Mon, 06 Nov 2023 10:06 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 06 Nov 2023 10:06 AM IST
सार
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के उपनिदेशक महेश कुमार ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सचिव वित्त और सचिव पंचायती राज को निर्देश जारी किए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि दस दिनों के भीतर पंचायतों को बजट जारी करें। अगर ऐसा नहीं किया तो ब्याज दिया जाए। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पंचायती राज मंत्रालय की संस्तुति के बाद खुद देरी से राज्य सरकार को यह ग्रांट जारी की है। यानी सात महीने बाद यह ग्रांट जारी की जा रही है। पंद्रहवें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत इस बजट को जारी कर यह सख्त फरमान जारी किया है।
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केंद्र ने 52 करोड़ रुपये का यह अनटाइड फंड पंचायती राज संस्थाओं में विभिन्न कार्यों के लिए जारी किया है। यह फंड ग्राम पंचायतें, पंचायत समितियां और जिला परिषदें अपने हिसाब से खर्चेंगी। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के उपनिदेशक महेश कुमार ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सचिव वित्त और सचिव पंचायती राज को निर्देश जारी किए हैं।
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दोनों राज्यों के लिए 141.35 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें से 53 करोड़ रुपये हिमाचल को दिए गए हैं, जबकि उत्तराखंड के लिए 88.75 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। इसे वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पहली किस्त के रूप में दिया गया है। राज्य के वित्त विभागों को इस बजट को दस कार्यदिवसों के अंदर जारी करना होगा। इसमें किसी भी तरह की कोई भी कटौती नहीं करनी होगी।
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अगर दस दिन से ज्यादा देरी हो जाती है तो राज्य सरकार को इसका ब्याज भी देना होगा। ब्याज बाजार दरों पर ही देना होगा। यह ग्रांट पंचायती राज मंत्रालय के निर्देशानुसार पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए जारी की जाएगी। यह अनटाइड ग्रांट भारत के संविधान की ग्याहरवीं सूची में दर्शाए गए विषयों पर लागू होगी। यह बजट प्रशासनिक व्यय और वेतन के मामले में खर्च नहीं होगा।