हत्या पर पीड़ित परिवार को देने होंगे दो लाख
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हत्या पर पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये मुआवजा देना होगा। केंद्र सरकार ने हिमाचल को केंद्रीय पीड़ित सहायता योजना (सीवीसीएफ) की गाइडलाइंस भेजी हैं। हत्या सहित 12 तरह के अपराधों से पीड़ित परिवारों को यह मुआवजा देना होगा। हिमाचल को भारत सरकार आर्थिक मदद देगी। ये गाइडलाइंस हिमाचल सहित देश के तमाम राज्यों में लागू मानी जा रही हैं। सीवीसीएफ की गाइडलाइंस पिछले दिनों प्रदेश सरकार को भी भेजी हैं।
गाइडलाइंस के साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुमार आलोक ने प्रदेश के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि पूरे देश में पीड़ित फंड में समरूपता लाई जा रही है। इससे विभिन्न प्रदेशों में एक ही तरह के अपराधों के लिए इस फंड में असमानता को कम किया जा सकेगा। मंत्रालय ने हिमाचल सरकार को इस विक्टिम फंड पर अपनी योजना को इन गाइडलाइंस को आधार बनाकर संशोधित करने के भी निर्देश दिए हैं।
इस दर से देना होगा पीड़ित को मुआवजा
एसिड अटैक पर तीन लाख, रेप पर तीन लाख, नाबालिग के शारीरिक शोषण पर दो लाख, मानव तस्करी के बाद पुनर्वास पर एक लाख, बलात्कार को छोड़कर यौन शोषण पर 50 हजार, मौत पर दो लाख, पूरी तरह से विकलांग होने पर दो लाख, 40 से 80 प्रतिशत विकलांग होने पर एक लाख, एसिड अटैक मामलों के अलावा अन्य तरह से 25 प्रतिशत से ज्यादा शरीर के जलने पर दो लाख, भ्रूण हत्या या गर्भपात पर 50 हजार, प्रजनन क्षमता को खत्म करने पर 1.5 लाख, क्रॉस बॉर्डर फायरिंग पर महिला पीड़ितों को परिजन की मौत या स्थायी विकलांगता पर दो लाख और 40 से 80 प्रतिशत विकलांगता पर एक लाख।
प्रदेश में हर साल सौ से ज्यादा हत्याएं हो रही हैं। हर साल डेढ़ सौ से तीन सौ के बीच बलात्कार के मामले दर्ज हो रहे हैं। भारतीय दंड संहिता के तहत ही 10 हजार से ज्यादा अपराध हो रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान ने बताया कि भारत सरकार से जो भी निर्देश आए हैं, उन पर गौर किया जाएगा। गाइडलाइंस को देखने के बाद ही इस पर बात की जा सकेगी।