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हिमाचल से छिन सकती है सेंट्रल यूनिवर्सिटी
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Tue, 14 Oct 2014 10:18 AM IST
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केंद्रीय विश्वविद्यालय पर चल रहा जमीन का पेंच अगर जल्द न सुलझा तो हिमाचल के हाथ से सेंट्रल यूनिवर्सिटी फिसल सकती है। अगर केंद्रीय विवि के लिए सरकार ने जमीन जल्द फाइनल नहीं की तो केंद्र सरकार विवि को दूसरे राज्य में शिफ्ट कर सकती है।
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यह आशंका इसलिए भी बन रही है, क्योंकि 12 और 13 सितंबर को चंडीगढ़ में देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य यूनिवर्सिटी के कुलपतियों की केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के साथ रिट्रीट मीटिंग थी। इसमें मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कुलपतियों से केंद्रीय विश्वविद्यालयों की वर्तमान स्थिति के बारे में जाना।
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इस दौरान पता चला कि देश भर के 16 में सिर्फ एक हिमाचल स्थित केंद्रीय विवि को ही जमीन नहीं मिली है। अन्य सभी 15 केंद्रीय विश्वविद्यालयों को जमीन मिल चुकी है। वहां निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। बैठक में बात उठी कि पांच वर्ष बाद भी हिमाचल में केंद्रीय विवि को जमीन नहीं मिली है।
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इस दौरान सभी कुलपतियों को जनवरी 2014 तक अपने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्वीकृत कोर्स शुरू करने की डेडलाइन दे दी गई। अब पेच यह है कि देश के अन्य 15 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दी डेडलाइन पर काम तो हो सकता है, लेकिन हिमाचल के केंद्रीय विवि का क्या होगा। हिमाचल के केंद्रीय विश्वविद्यालय को तो अभी तक जमीन ही नहीं मिली है। केंद्रीय विवि छतड़ी को 18 कोर्स यूजीसी से स्वीकृत हुए हैं।
ऐसे में जनवरी 2014 तक वह ये कोर्स शुरू कहां करेगा। उसके पास कक्षाओं को बैठाने के लिए जगह नहीं है। सूत्रों के अनुसार अब केंद्र सरकार राज्य सरकार से कह सकती है कि अगर आप केंद्रीय विवि को जमीन नहीं दे सकते तो इसे किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट किया जाएगा। सरकार ने केंद्र से लिखित में वादा किया है कि वह केंद्रीय विवि को जमीन मुफ्त में देगी। वहां तक सड़क और बिजली पहुंचाना उसका काम होगा।
लेकिन, केंद्रीय विवि को संशोधित प्रस्तावों में ही उलझाया जा रहा है। बैठक के दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालय छतड़ी के कुलपति प्रो. योगिंद्र वर्मा ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को जमीन मामले की समस्या बताई। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्होंने हिमाचल सरकार से पत्राचार किया है।
कोर्स शुरू करने को जनवरी 2014 तक डेडलाइन: वीसी
केंद्रीय विवि के वीसी प्रो. योगिंद्र वर्मा ने कहा कि विवि के लिए जमीन कहीं भी मिले, लेकिन जल्द मिलनी चाहिए। चंडीगढ़ में हुई बैठक में स्वीकृत कोर्स शुरू करने को जनवरी 2014 तक डेडलाइन दी गई है।
भाजपा नहीं चाह रही केंद्रीय विवि: सुधीर
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि केंद्र में सरकार बदलते ही यह ड्रामा शुरू हुआ है। भाजपा शासित केंद्र सरकार जानबूझकर चाह रही है कि हिमाचल से केंद्रीय विवि छीन लिया जाए। केंद्र में भाजपा के काबिज होते ही केंद्रीय विवि के लिए चिह्नित दोनों साइटों को रिजेक्ट कर देना, इसी मंशा को दर्शाता है। जहां तक राज्य सरकार की बात है तो मैं खुद भाजपा नेताओं के साथ मिलकर केंद्र से विवि के जमीन मसले पर बातचीत को तैयार हूं।