सीमेंट पर संकट: दाड़लाघाट में अंबूजा के माइनिंग क्षेत्र का जायजा लेकर लौटी भूगर्भ विशेषज्ञों की टीम
राज्य भूगर्भ विशेषज्ञ की अध्यक्षता में पांच विशेषज्ञों की यह टीम अंबूजा की खनन साइट का निरीक्षण करने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंची। टीम दोपहर बाद करीब 4:00 बजे तक ही क्षेत्र में सक्रिय रही।
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लंबे समय से चल रहे सीमेंट ढुलाई विवाद के बीच सोमवार को राज्य के भूगर्भ विशेषज्ञों की टीम दाड़लाघाट पहुंची। टीम में शामिल विशेषज्ञों ने अंबूजा के माइनिंग क्षेत्र का जायजा लिया। करीब छह घंटे तक टीम ने खनन साइट का बारीकी से निरीक्षण किया। आवश्यक जानकारी और रिकार्ड जुटाने के बाद टीम लौट आई। विशेषज्ञों की यह टीम अब जल्द ही बरमाणा में एसीसी की खनन साइट का निरीक्षण करेगी। सूत्रों के अनुसार राज्य भूगर्भ विशेषज्ञ की अध्यक्षता में पांच विशेषज्ञों की यह टीम अंबूजा की खनन साइट का निरीक्षण करने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंची। टीम दोपहर बाद करीब 4:00 बजे तक ही क्षेत्र में सक्रिय रही। सूत्रों का कहना है कि सीमेंट उत्पादन को लेकर खनन से संबंधित पूरा रिकार्ड भी खंगाला जाने लगा है। इसे लेकर कंपनी का खनन से संबंधित अभी तक का पूरा रिकार्ड तलब कर लिया गया है। अगर खनन से संबंधित कोई खामी पाई जाती है तो कंपनी प्रबंधन को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार सरकार ने दाड़लाघाट में कंपनी को 2042 तक खनन पट्टा दिया गया है। कंपनी को कुल 468 हेक्टेयर जमीन पट्टे पर दे गई है। कंपनी को वैज्ञानिक तरीके से खनिज निकालने की मंजूरी दी गई है। हर रोज कितना खनिज निकाला जाता है, इसका पूरा रिकार्ड राज्य के संबंधित विभागों को देना अनिवार्य है। सूत्रों ने बताया कि विभागीय टीम रिकार्ड खंगाल कर यह देखेगी कि खनन साइट में नियमों के दायरे में रहकर ही खनन की गतिविधियां हुई हैं या कहीं नियमों का उल्लंघन किया गया है।
बीडीटीएस के साथ आज होगी अदाणी समूह के अधिकारियों की बैठक
वहीं प्रदेश के बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) की अदाणी समूह के उच्च अधिकारियों के साथ मंगलवार को बरमाणा में बैठक होगी। बैठक में अदाणी समूह के इंडिया लॉजिस्टिक हेड वीरेंद्र सकतावन और नर्स लॉजिस्टिक हेड नीलेश श्रीवास्तव शामिल होंगे। इस बीच, बैठक से पहले बीडीटीएस पदाधिकारियों ने एक बार फिर दो टूक कहा है कि ऑपरेटर 10.20 रुपये की दर से कम मालभाड़ा नहीं लेंगे। मालभाड़े पर सरकार ही अदाणी समूह से वार्ता करेगी। सभा अदाणी समूह के साथ सिर्फ प्लांट चलाने के लिए 30 साल से चल रहे नियमों और शर्तों पर ही वार्ता करेगी। इधर, सोमवार को बीडीटीएस कार्यकारिणी की हुई बैठक में अदाणी समूह के साथ होने वाली बैठक की रणनीति बनाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अदाणी समूह के पदाधिकारियों के साथ सिर्फ डंप, लोडिंग-अनलोडिंग सहित प्लांट चलाने के लिए 30 साल से चल रहे नियमों और शर्तों पर ही वार्ता की जाएगी। अदाणी समूह के अधिकारी मालभाड़े पर वार्ता करने को कहेंगे तो बैठक का बहिष्कार किया जाएगा। बीडीटीएस के महासचिव प्रदीप ठाकुर ने बताया कि ट्रक ऑपरेटर ने जितना मालभाड़ा कम करना था, वो कर दिया है। कम किए मालभाड़े के बारे में सरकार को बता दिया गया है। मुख्यमंत्री ने उस ऑपरेटरों की ओर से प्रस्तावित मालभाड़े की दर पर अदाणी समूह के साथ सहमति बनाने के लिए समय मांगा है। ट्रक ऑपरेटर मुख्यमंत्री के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।