Cement Crisis: सीमेंट विवाद सुलझाने के लिए सब कमेटी का गठन, कल पहली बैठक होगी
सब कमेटी की ट्रक यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ वीरवार को पहली बैठक होगी, ताकि अदाणी कंपनी और ट्रक ऑपरेटरों में सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर चल रहे विवाद का हल निकाला जा सके।
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हिमाचल प्रदेश में सीमेंट विवाद सुलझाने के लिए प्रदेश सरकार ने सब कमेटी गठित कर दी है। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में यह कमेटी बनाई गई है। निदेशक उद्योग, निदेशक परिवहन को सदस्य के रूप में रखा गया है, जबकि राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है।
सब कमेटी की ट्रक यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ वीरवार को पहली बैठक होगी, ताकि अदाणी कंपनी और ट्रक ऑपरेटरों में सीमेंट ढुलाई की दरों को लेकर चल रहे विवाद का हल निकाला जा सके। कमेटी वार्ता की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद इसे हाईकोर्ट के आदेशों पर गठित कमेटी को सौंपा जाएगा। सरकार ने भी सीमेंट की दरों को निर्धारित करने के लिए कसरत शुरू कर दी है।
अदाणी ग्रुप अधिक लाभ कमाने के लिए बीडीटीएस पर साध रहा निशाना
ट्रक ऑपरेटरों ने अदाणी ग्रुप पर अधिक लाभ कमाने के लिए दि बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सभा (बीडीटीएस) को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। बरमाणा सीमेंट प्लांट बंद होने के 14वें दिन ट्रक ऑपरेटर फिर लामबंद हुए और अदाणी ग्रुप के खिलाफ रोष प्रकट किया। बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने कहा कि अदाणी ग्रुप अधिक मालभाड़ा होने की बात कर रहा है, लेकिन बीडीटीएस इस समय न्यूनतम किराये पर माल ढुलाई कर रहा है।
2005 में तय हुए फार्मूले के अनुसार ही मालभाड़ा कम और ज्यादा होता है, जिसमें गाड़ी के कल पुर्जों और अन्य ऑपरेटिंग लागत सम्मिलित होती है। अदाणी ग्रुप ने आज तक न रेट बढ़ाए हैं और न बढ़ने दे रहा है। मालभाड़ा कम करने के लिए प्लांट को बंद कर दबाव बनाया जा रहा है। बरमाणा सीमेंट प्लांट बंद होने से लाखों लोगों की आजीविका पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी ने कहा कि बीडीटीएस पंजाब और अन्य राज्यों से बरमाणा प्लांट के लिए कच्चे माल की ढुलाई भी कर रही है, जिसमें 40 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है। बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में चलाए जा रहे आंदोलन में ट्रक ऑपरेटरों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए हाजिरी भी लगाई जा रही है। जो ट्रक ऑपरेटर आंदोलन में शामिल नहीं हो रहे हैं, उनके खिलाफ बीडीटीएस सख्त कार्रवाई करेगी।
बरमाणा ट्रक ऑपरेटरों ने चंडीगढ़ से सीमेंट ला रहे ट्रकों को रोका
बरमाणा सीमेंट प्लांट में माल ढुलाई करने वाले ट्रक ऑपरेटरों ने मंगलवार रात को चंडीगढ़ से सीमेंट ला रहे ट्रकों को रोक लिया। एसीसी सीमेंट से लदे इन ट्रकों को स्वारघाट, नौणी, जाहू, भोटा, घाघस में रोका गया। सीमेंट लाने वाले ट्रक के चालकों को दोबारा चंडीगढ़ से माल ढुलाई नहीं करने हिदायत दी गई, जिसके बाद उन्हें आगे जाने दिया।
जानकारी के अनुसार बरमाणा और दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट बंद करने के बाद अदाणी सीमेंट कंपनी ने हिमाचल में सप्लाई के लिए इन दिनों अन्य प्लांट में तैयार सीमेंट को चंडीगढ़ में डंप किया है। इसे प्रदेश में सप्लाई किया जा रहा है।
उधर, बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि चंडीगढ़ से सीमेंट सप्लाई करने पर गुस्साए ट्रक ऑपरेटरों ने जगह-जगह सीमेंट से लदे ट्रकों को रोका है। उन्हें हिदायत देकर जाने दिया गया है। अदाणी समूह ट्रक ऑपरेटरों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश रहा है, लेकिन सभी ट्रक ऑपरेटर एकजुट हैं और किसी भी साजिश का जवाब देने को तैयार हैं।
टूटने लगा ऑपरेटरों का सब्र, 15 दिनों से खड़े हैं ट्रक
दाड़लाघाट में ट्रक ऑपरेटरों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। बीते 15 दिन से दाड़लाघाट की आठ यूनियनों के करीब 4000 ट्रक खड़े हैं। ऑपरेटर सरकार की ओर से गठित कमेटी के निर्णय के इंतजार में है। पांच दिन में यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। ऐसे में यदि ट्रक ऑपरेटरों के खिलाफ रिपोर्ट आती है तो यूनियन के पदाधिकारी बैठक कर आगामी रणनीति तय करेंगे। इसमें सभी आठ यूनियनों के पदाधिकारियों के साथ-साथ ट्रक चालकों की राय ली जाएगी।
उसी के आधार पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। हालांकि, अभी ट्रक ऑपरेटर शांत हैं। ऑपरेटर 2010, 2006, 2005 और उससे पहले आंदोलन कर चुके हैं। उसी तरह की रणनीति इस बार भी तैयार की जा सकती है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि अब तक चार से पांच बैठक प्रशासन के साथ हो चुकी हैं। वह अपनी बात प्रशासन के समक्ष रख चुके हैं। उनका कहना है कि अदाणी समूह छह रुपये सीमेंट मालभाड़ा तय कर रहा है, जोकि काफी कम है।
आज के दौर में डीजल, स्पेयर पार्ट, टॉयर समेत अन्य खर्चे काफी बढ़ चुुके हैं। ऐसे में इतने कम मालभाड़े में ढुलाई का काम करना मुश्किल है। हालांकि अब उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके पक्ष में रिपोर्ट बनाएगी और ट्रक ऑपरेटरों को घाटा नहीं होने देगी। वहीं, बाघल लैंड लूजर सोसायटी के पूर्व प्रधान रामकृष्ण का कहना है कि सरकार ने सीमेंट प्लांट को लेकर कमेटी गठित की है। यह कमेटी पांच दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।
उधर, एसडीटीओ के उपप्रधान नरेश गुप्ता का कहना है कि दाड़लाघाट यूनियन में करीब चार हजार ट्रक हैं। इनकी कीमत करीब 6.50 करोड़ है। यह बीते 15 दिनों से खड़े हैं। बीते 14 दिसंबर को अंबुजा दाड़लाघाट कंपनी ने अनिश्चितकाल के लिए कंपनी बंद कर दी है। उसके बाद यहां पर चलने वाले करीब चार हजार ट्रक खड़े हैं।