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Bilaspur News: लालटेन की रोशनी में विकास का उजाला ढूंढ रही कुपवी की दुर्गम पंचायत

Sun, 23 Aug 2026 11:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:46 PM IST
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No roads, electricity, education, or water in Churayan-Dak Shirad Panchayat
चुरायण-डाक शिराड़ पंचायत के संघर्ष की कब बदलेगी कहानी, सड़क, बिजली, शिक्षा और न ही पानी
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धार चांदणा और बाबत पंचायतों में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। आधुनिक युग में जहां देश के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली की सुविधा पहुंच चुकी है, वहीं कुपवी उपमंडल की एक दुर्गम पंचायत के ग्रामीण आज भी लैंप और लालटेन की रोशनी में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। चुरायण-डाक शिराड़ पंचायत में ग्रामीणों को सड़क, शिक्षा, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भी ग्रामीणों को दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता है। पंचायत प्रधान तुलसी राम जमालटा ने बताया कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के सावड़ा गांव के अलावा नौरथली और मेहिरा स्थित दोघरी बस्तियों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। रात के समय ग्रामीण मिट्टी के तेल के लैंप और लालटेन के सहारे गुजारा करते हैं। चुरायण-डाक शिराड़ से लगतीं धार चांदणा और बाबत पंचायतों में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा नहीं है। बच्चों के टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीणों को सिरमौर जिले के रोहनाट जाना पड़ता है। पंचायत प्रधान के अनुसार, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पिछले वर्ष क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शिराड़ स्थित माध्यमिक पाठशाला का भवन भी अधूरा पड़ा है। पंचायत के चुरायण, सावड़ा और गवाए गांव अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं। ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामान पीठ पर अथवा खच्चरों के माध्यम से गांव तक पहुंचाना पड़ता है। शिराड़ से सावड़ा, रेओशटी से चुरायण और सैंज से गवाए तक सड़क निर्माण प्रस्तावित है। इनमें से सैंज से गवाए तक करीब साढ़े छह किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए वन संरक्षण अधिनियम के तहत स्वीकृति संबंधी फाइल भेजी गई है। हालांकि, अन्य प्रस्तावित सड़कों की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभागों से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने लंबित विकास कार्यों में तेजी लाने का भी आग्रह किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवश्यक सुविधाओं के अभाव में उनका जीवन कठिन हो गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर जल्द ध्यान देगा।

प्राक्कलन बना कर भेजा गया
अधिशासी अभियंता गोवर्धन डिल्टा ने बताया कि सावड़ा गांव में दो घरों तक बिजली नहीं पहुंची है। दो दोघरी बस्तियों को अभी विद्युत व्यवस्था नहीं है। इन घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए प्राक्कलन बना कर भेजा गया है।
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