CBSE: बारहवीं पास विद्यार्थी डिजी लॉकर से डाउनलोड कर सकेंगे अंक तालिका
विद्यार्थियों अंक तालिका के लिए स्कूल में आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डिजी लॉकर के लिए स्कूलों की ओर से पहले ही पिन जारी किए गए हैं।
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सीबीएसई के बारहवीं के नतीजों के देरी से घोषित होने पर विद्यार्थियों के पास यूजी कोर्स में प्रवेश लेने के लिए अब एक हफ्ते का समय ही बचा है। ऐसे में विद्यार्थी अब सीबीएसई की वेबसाइट से या डिजी लॉकर से भी सीधे अपनी अंक तालिका को डाउनलोड कर सकेंगे। सीबीएसई की हर विद्यार्थी को डीजी लॉकर खोलने के लिए प्रेरित करने की चलाई गई मुहिम से प्रदेश भर के हजारों छात्र छात्राओं के लिए उपयोगी साबित होगी। अब उन्हें अंक तालिका के लिए स्कूल में आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डिजी लॉकर के लिए स्कूलों की ओर से पहले ही पिन जारी किए गए हैं।
डिजी लॉकर से कॉलेजों को भी विद्यार्थी के आने वाले आवेदनों को वेरिफिकेशन करना आसान होगा। इसमें दिए जाने वाले क्यूआर कोड को स्कैन कर कॉलेज तुरंत विद्यार्थी के प्रमाण पत्रों के सही होने का पता लगा पाएंगे। डिजी लॉकर आधार से लिंक होता है। संजौली कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीबी मेहता ने कहा कि सीबीएसई के नतीजे घोषित हो चुके है।
इसमें विद्यार्थी डीजी लॉकर से जेनरेट की गई सीबीएसई की अंक तालिकाओं के साथ सीबीएसई की वेबसाइट से माध्यम से जेनरेट की अंक तालिका दोनों को ऑनलाइन आवेदन के साथ दस्तावेजों के रूप में स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि शंका होने पर दस्तावेजों को ऑनलाइन वेरिफाई भी किया जा रहा है।
कॉलेज में पेपरलैस प्रवेश के लागू होने से विद्यार्थी के इन्हीं दस्तावेजों के साथ आवेदन स्वीकार किए जा रहे है। राजीव गांधी महाविद्यालय की प्राचार्य डा. अनुपम गर्ग ने कहा कि डीजी लॉकर या सीबीएसई की साइट से जेनरेट और डाउनलोड की अंक तालिकाओं के साथ आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिजल्ट घोषित होने के बाद सोमवार से यूजी प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी।
बोर्ड परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की अंक तालिकाओं के आने में समय लग सकता है। इसके बाद ही वितरण शुरू होगा। विद्यार्थियों के पास अब सीबीएसई की वेबसाइट पर रिजल्ट ऑप्शन में जाकर स्कूल कोड और रोलनंबर के आधार पर अंक तालिका डाउनलोड करने और cbse.digilocker.gov.in डीजी लॉकर की सुविधा में पंजीकृत विद्यार्थी दिए पिन कोड को डालकर अंक तालिका को जेनरेट करने का ऑप्शन है। इससे उन्हें आगे प्रवेश लेने में दिक्कत नहीं होगी। - मोहित गुप्ता, प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय जाखू