छात्रवृत्ति घोटाला: निदेशालय के अफसरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी सीबीआई
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करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में जांच की आंच अब उच्च शिक्षा निदेशालय के अफसरों और कर्मचारियों तक पहुंचने वाली है। साल 2013 से निदेशालय में तैनात अफसरों के अलावा कर्मचारियों से भी सीबीआई पूछताछ करेगी।
सीबीआई के इस कदम से निदेशालय में तैनात अफसरों और कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए हैं। इन अफसरों-कर्मियों की वर्तमान पोस्टिंग का भी सीबीआई ने रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकतर का तबादला शिमला से बाहर हो गया है।
निजी शिक्षण संस्थानों को पैसा जारी करने की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में आ गई है। शिमला के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और जम्मू की सीबीआई टीमें भी मामले की जांच में जुटी हैं।
सीबीआई के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति का पैसा जारी करने वाले और इन संस्थानों से आने वाले आवेदनों की जांच करने वाले सभी अफसरों और कर्मचारियों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी। शिक्षा निदेशालय से सभी पुराने कर्मियों और अधिकारियों का रिकॉर्ड जुटा लिया गया है।
अगले सप्ताह से सीबीआई की टीमें पूछताछ शुरू कर देंगी
संभावित है कि अगले सप्ताह से सीबीआई की टीमें पूछताछ शुरू कर देंगी। साल 2013 से छात्रवृत्ति शाखा में काम कर चुके अधिकांश अफसरों-कर्मचारियों के तबादले अन्य जिलों के उपनिदेशक कार्यालयों सहित सरकारी स्कूलों में हो चुके हैं।
अब सीबीआई ने इनसे संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाएगी। इनसे पूछताछ करने तक निजी शिक्षण संस्थानों से जब्त किए गए कंप्यूटरों, हार्ड डिस्क की रिपोर्ट भी आ जाएगी। सीबीआई की इस कवायद के बाद से उच्च शिक्षा निदेशालय में हड़कंप मच गया है।
उधर, शिक्षा निदेशालय के सूत्रों के अनुसार साल 2013 से छात्रवृत्ति शाखा में करीब 200 अधिकारी और कर्मचारी काम कर चुके हैं। अधिकांश के अब शिमला से बाहर तबादले हो चुके हैं। कुछ अधिकारी और कर्मी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं।