सीबीआई ने करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में दर्ज की एफआईआर
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करोड़ों के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने शिमला शाखा में एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। यह घोटाला जमा एक और जमा दो कक्षाओं के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में 250 करोड़ रुपये का है।
हिमाचल सरकार ने पिछले साल इस मामले की जांच सीबीआई को दी थी। सीबीआई की शिमला शाखा ने निदेशालय से हरी झंडी मिलने के बाद बुधवार को एफआईआर दर्ज की। इसके लिए पुलिस में दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाया गया।
सीबीआई ने अभी पुलिस की तर्ज पर ही भारतीय दंड संहिता की धाराओं 409, 419, 465, 466 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक छानबीन के बाद इस मामले में भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 13(2) के अलावा अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
निजी संस्थानों ने फर्जी दस्तावेजों से हड़प ली छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शीर्ष अधिकारियों के साथ 21 अगस्त, 2018 की बैठक में यह मामला जांच के लिए सीबीआई को भेजने का फैसला लिया था। तबसे लेकर इस बारे में केंद्रीय कार्मिक विभाग और सीबीआई से हिमाचल सरकार का कई बार पत्राचार हुआ। सीबीआई के दिशा-निर्देश पर हिमाचल सरकार ने इसके बारे में छोटा शिमला थाने में भी एफआईआर दर्ज की है।
आरोप है कि कई निजी संस्थानों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छात्रवृत्ति की मोटी रकम हड़प ली। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक स्कॉलरशिप में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोप हैं। जमा एक और जमा दो कक्षाओं के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में 250 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का गलत आवंटन हुआ। इस मामले की जांच की जद में दो दर्जन निजी उच्च शिक्षण संस्थान आए हैं।