सीबीआई के छापे से वीरभद्र परिवार सकते में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बेटी की शादी के तैयारियों में जुटे हुए थे। हॉली लॉज में खुशनुमा माहौल था। संकट मोचन मंदिर में दूल्हा-दुल्हन के फेरे होने थे। फरीदकोट घराने से बारात पहुंच चुकी थी। रिश्तेदार आ चुके थे। मुख्यमंत्री सुबह आठ बजे घर से सपरिवार शादी के लिए मंदिर निकलने ही वाले थे कि सीबीआई की दबिश ने पूरे परिवार की खुशियों पर एकदम से ग्रहण लगा दिया। प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के साथ साथ वह एक पिता भी हैं। बारात दर पर है और सीबीआई आ धमकती है।
मुख्यमंत्री कुछ पल के लिए पशोपेश में पड़ जाते हैं, फिर एक दम से हॉलीलॉज की चाबियों का गुच्छा सीबीआई को थमाते हैं और खुद बेटी की शादी के लिए संकट मोचन मंदिर निकल जाते हैं। मुख्यमंत्री की पहली पत्नी की छोटी बेटी मीनाक्षी की शादी थी। मीनाक्षी का पहले पति से तलाक हो गया था। इनका रिश्ता फरीदकोट घराने में जुड़ा। सादे समारोह में शादी का आयोजन किया जा रहा था।
सीबीआई की टीम ने नहीं खाया खाना
पिता इस बात से बहुत खुश थे कि उनकी बेटी का नए सिरे से घर बस रहा है। सीबीआई की रेड के बावजूद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने संकट मोचन मंदिर में जाकर बेटी का विवाह निश्चिंत होकर पूरा करवाया। पिता का फर्ज पूरा करने के बाद हॉली लॉज लौटे यहां बारातियों, रिश्तेदारों और मेहमानों के लिए लंच की व्यवस्था कर रखी थी। सभी को अच्छे से खाना खिलाकर बेटी को दुआएं देकर घर से विदा किया। इस दौरान सीबीआई की टीम को भी भोज के लिए आमंत्रित किया लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
शनिवार को शिमला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी मीनाक्षी सिंह की दूसरी शादी बडे़ ही सादे समारोह में हो रही थी। इसकी गिने-चुने लोगों को ही सूचना दी गई थी। मेहमान भी खास-खास ही बुलाए गए थे। यह शिमला के संकटमोचन मंदिर में रखी गई थी। मीनाक्षी सिंह का यह विवाह फरीदकोट राजघराने में रविंदर सिंह बराड़ से हो रहा था।
बहन की शादी में आईं अपराजिता रह गईं भौचक्का
सीएम और उनके परिवार के अन्य सदस्य हॉली लॉज से संकमोचन मंदिर जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि सुबह-सवेरे ही सीबीआई की टीम पहुंच गई। आते ही सीबीआई ने सीएम के निजी आवास की सारी अल्मारियां, तिजोरियां, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि सब सील कर दिए। सीबीआई से इजाजत लेने के बाद ही सीएम महज दो घंटे के लिए बेटी की शादी की रस्म निभाने जा पाए।
हॉली लॉज का माहौल देखकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सबसे छोटी बेटी अपराजिता सिंह भी विचलित हो गईं। वह सबकुछ फटी-फटी आंखों से देखती रहीं। सीबीआई ने इस मामले में अपराजिता सिंह को भी शामिल किया है। संकटमोचन मंदिर में बड़ी बहन मीनाक्षी सिंह की शादी के समारोह से लौटने के बाद अपराजिता सिंह वापस हॉली लॉज पहुंचीं। गाड़ी खुद अपराजिता सिंह के पति एवं मुख्यमंत्री सिंह वीरभद्र सिंह के दामाद अंगद सिंह चला रहे थे।