गुड़िया प्रकरण : जांच में देरी पर सीबीआई को हाईकोर्ट ने फिर लगाई फटकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़िया दुराचार एवं हत्याकांड मामले की छानबीन में देरी करने और नतीजे तक नहीं पहुंच पाने पर हाईकोर्ट ने एक बार फिर सीबीआई को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस प्रकरण पर हिमाचल के 68 लाख लोगों की नजरें टिकी हैं।
ऐसे में सीबीआई ने अब तक जो भी किया है, वो पब्लिक डोमेन में क्यों नहीं लाया जा रहा है? सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में पहले से पकड़े पांच आरोपियों से सच उगलवाने के लिए अहमदाबाद में ब्रैन मैपिंग टेस्ट करवाना है।
रिपोर्ट आने में समय लगेगा, जिसके लिए उन्हें जांच पूरी करने में और अतिरिक्त समय चाहिए। सीबीआई ने चार हफ्ते का समय और मांगा, लेकिन हाईकोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है।
सुनवाई में डीजीपी सोमेश गोयल भी पहुंचे, सीबीआई ने की ये अपील
बुधवार को हिमाचल हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ में गुड़िया मामले की सुनवाई हुई। सीबीआई की ओर से कोर्ट में एसआईटी प्रमुख एसपी एसएस गुरुम पेश हुए।
चूंकि पुलिस को भी हिमाचल हाईकोर्ट ने पार्टी बनाया हुआ है, इसलिए डीजीपी सोमेश गोयल भी अदालत में हाजिर थे। सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने हाईकोर्ट में दो आवेदन किए।
इनमें से एक आवेदन जांच का समय चार सप्ताह तक बढ़ाने की गुहार को लेकर था तो दूसरे आवेदन में हिमाचल पुलिस की एसआईटी की ओर से मामले में दायर किए गए हलफनामे की प्रति मांगी गई।
सीबीआई की दलील, इसलिए लेट हो रही है जांच
पहले आवेदन पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को पहले तो जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देने से साफ इंकार कर दिया, मगर बाद में सीबीआई की दलील से संतोष जताने के बाद दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।
हिमाचल हाईकोर्ट ने इस बात से नाराजगी जाहिर की कि 17 अगस्त को सीबीआई को जांच पूरा करने के लिए दो हफ्ते का टाइम दिया गया था। दो हफ्ते के इस निर्धारित समय से पहले सीबीआई ने समय बढ़वाने का कोर्ट को कोई आवेदन नहीं दिया।
इसके बाद सीबीआई के वकील अंशुल बंसल ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि लॉकअप हत्याकांड की जांच लगभग पूरी कर ली गई है। दूसरा मामला भी इसी से जुड़ा है। अहमदाबाद में पकड़े गए आरोपियों के ब्रेन मैपिंग टेस्ट में अभी वक्त लग रहा है।
इन रिपोर्टों पर टिकी है सीबीआई की जांच
सीबीआई को इन आरोपियों को वहां ले जाना है। एक हफ्ता वहां टेस्ट में ही लग जाएगा। उसके बाद रिपोर्ट आने में भी वक्त लग जाएगा। सीबीआई के अनुसार आरोपियों के अहमदाबाद में कुुछ जरूरी टेस्ट करवाने हैं जो कि जांच को निर्णायक मोड़ पर ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस पर हिमाचल हाईकोर्ट ने सीबीआई को छानबीन के लिए दो हफ्ते का समय देते हुए इस मामले की सुनवाई 21 अगस्त को तय कर दी। सीबीआई की ओर से दायर उस आवेदन पर हाईकोर्ट ने नोटिस तक जारी करने से मना कर दिया, जिसमें कि सीबीआई ने सूरज हत्याकांड के आरोपी पुलिसवालों के हलफनामे को दिए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि अदालतों का काम जांच एजेंसियों के लिए सबूत जुटाना नहीं है।