पुलिस ने फिर कराई फजीहत, तीन पुलिस कर्मियों पर CBI ने दर्ज किया केस
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गुड़िया प्रकरण में छह युवकों को मामले में फर्जी तरीके से फंसाकर फजीहत कराने वाली हिमाचल पुलिस के तीन और पुलिस कर्मी अब सीबीआई के निशाने पर हैं। इस बार एक एसआई, एक एएसआई व एक कांस्टेबल पर गुड़गांव के एक युवक को मादक पदार्थ रखने के झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगा है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 3 पुलिस कर्मियों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इससे पहले सीबीआई ने हाईकोर्ट के निर्देश पर ही मामले में प्रारंभिक जांच की थी जिसमें पीड़ित युवक द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए और उसके बाद कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।
दरअसल, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि मंडी में तैनात एसआई जय लाल, एएसआई राम लाल, कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने हरियाणा के जिंद निवासी मंजीत और जगसीर सिंह के साथ मिलकर गुड़गांव निवासी रवि कुमार को मादक पदार्थ रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। यही नहीं, मुकदमा लिखने से पहले रवि के पिता को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती की भी मांग की थी।
हाईकोर्ट से युवक ने लगाई थी गुहार
फर्जी मुकदमे में बेटे के फंसने पर पिता रमेश चंद ने पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत की। विभागीय जांच हुई और उसमें भी आरोप सही पाए गए। लेकिन किसी भी अधिकारी ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए क्लीन चिट दे दी।
खास बात यह है कि जांच में मंजीत के तस्करी से जुड़े होने और पुलिस कर्मियों से संबंध होने की बात भी सामने आई। वहीं, रवि को मंजीत की मौजूदगी में बुलाकर पिता रमेश से रंगदारी मांगने के दौरान होटल व गुरुद्वारे में भी रखा गया।
कहीं सुनवाई न होने पर रमेश चंद ने हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाते हुए याचिका दायर की। जिसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को दी और फिर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई को मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।