कांग्रेसी नेता अजय यादव समेत जज को मिली राहत
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हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व जज निर्मल यादव के भू खरीद मामले की जांच से सीबीआई ने इनकार कर दिया है।
शुक्रवार को सीबीआई ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया है जिससे पूर्व जज और पूर्व मंत्री को फिलहाल राहत मिली है। हिमाचल के सोलन के कु्मारहट्टी में 11 बीघा जमीन को कथित तौर पर फर्जी तरीके से झूठे दस्तावेजों के आधार पर खरीद-फ रोख्त करने के मामले में सीबीआई ने प्रदेश हाईकोर्ट को शपथ पत्र के माध्यम से बताया है कि राज्य सरकार से जांच की स्वीकृति न मिलने के कारण इस मामले की छानबीन संभव नहीं है।
सीबीआई ने अदालत को बताया कि 14 अगस्त 2008 को पूर्व जज सेल डीड को एग्जीक्यूट करवाने के मकसद से सोलन गई थीं और इसी बीच लगभग 11 बीघा जमीन को भूमि सुधार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन कर खरीदा गया।
जज के खिलाफ केस को नहीं मिली अनुमति
इस बारे में जांच की स्वीकृति के लिए सर्वोच्च न्यायालय को लिखा गया था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति न मिलने के कारण पूर्व जज के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा सका। उन्होंने इस खरीद के लिए 15 लाख रुपये अदा किए थे।
सीबीआई की जांच के दौरान प्रदेश सरकार के कुछ अधिकारी संदेह के घेरे में आए थे। सीबीआई ने राज्य सरकार से इस मामले की गहराई से जांच करने के लिए स्वीकृति मांगी थी, जिसे 13 दिसंबर 2012 को मना कर दिया गया था।
इस बारे में सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ने सीबीआई को इस मामले की छानबीन के आदेश दिए थे, जिस पर सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट पेश करने के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। प्रार्थी संस्था ने आरोप लगाया है कि सीबीआई की छानबीन में हरियाणा सरकार के मंत्री कैप्टन अजय यादव का नाम शामिल नहीं किया गया है, जबकि वह इस घोटाले में नामित आरोपी हैं।
ये है पूरा मामला
पूर्व जज पर वर्ष 2008 में सोलन के कुमारहट्टी में 11 बीघा जमीन को भूमि सुधार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन कर खरीदने का आरोप था। साथ ही पावर ऑफ अटॉर्नी में फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति न मिलने के कारण पूर्व जज के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जा सका था, लेकिन सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे।
क्या थे संस्था के आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोलन स्थित कुमारहट्टी में 11 बीघा जमीन खरीदने के लिए जिस पावर ऑफ अटॉर्नी को इस्तेमाल किया गया है, उसमें एक ही व्यक्ति ने आठ नामों के समक्ष हस्ताक्षर कर दिए हैं। उस समय इनमें से एक व्यक्ति जेल में था और दूसरा विदेश में है।
प्रार्थी संस्था ने आरोप लगाया है कि यह हरियाणा सरकार के मंत्री कैप्टन अजय यादव के इशारों पर हुआ है। कुमारहट्टी में 11 बीघा जमीन 17 लोगों के नाम से खरीदी गई है, जिसमें अधिकतर कैप्टन अजय यादव के रिश्तेदार हैं।