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छात्रवृत्ति घोटाला: हिमाचल में तीन संस्थानों के प्रबंधकों समेत सात गिरफ्तार, 250 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी का है मामला

Fri, 08 Apr 2022 08:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 08 Apr 2022 08:48 PM IST
सार

 छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने शुक्रवार को तीन निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और दो रजिस्ट्रार समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने यह बड़ी कार्रवाई हिमाचल प्रदेश के अलावा चंडीगढ़ और हरियाणा में की है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ही सीबीआई ने शुक्रवार को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

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CBI arrests 7 people in scholarship scam in himachal pradesh
सीबीआई - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने शुक्रवार को तीन निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और दो रजिस्ट्रार समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने यह बड़ी कार्रवाई हिमाचल प्रदेश के अलावा चंडीगढ़ और हरियाणा में की है। आरोपी शनिवार को सीबीआई कोर्ट शिमला में पेश किए जाएंगे। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर जांच के दायरे में चल रहे सिरमौर जिले के कालाअंब के हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट के प्रबंधक रजनीश बंसल और विकास बंसल के अलावा इसी संस्थान के एक रजिस्ट्रार पन्ना लाल और शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है।

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गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में आईटीएफ टी शिक्षा समूह न्यू चंडीगढ़ के गुलशन शर्मा, आईसीएल ग्रुप ऑफ कॉलेज हरियाणा संस्थान के संजीव प्रभाकर और इसी संस्थान के रजिस्ट्रार जोगिंद्र सिंह बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अधिकतर आरोपियों को उनके घरों में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई की ओर से की गई अब तक की जांच में 266 में से 28 निजी संस्थानों को घोटालों में संलिप्त पाया गया है।
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इन 28 में से 11 संस्थानों की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि 17 संस्थानों के खिलाफ  जांच अभी जारी है। गौर हो कि बीते दिनों इस घोटाले से जुड़े मामले में सीबीआई की धीमी जांच को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट नाराजगी जता चुका है। हाईकोर्ट ने जांच में तेजी लाकर इसे पूरा करने और सक्षम क्षेत्राधिकार वाले न्यायालय के समक्ष चार्जशीट दाखिल करने के आदेश जारी किए थे। इसके साथ ही सीबीआई को 20 अप्रैल को मामले की ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया गया है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ही सीबीआई ने शुक्रवार को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
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ऊना के एक निजी संस्थान की 4.42 करोड़ की संपत्ति हो चुकी अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 अप्रैल को जिला ऊना के केसी एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी पंडोगा की मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी। आरोप है कि सोसायटी ने एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के पैसों से दो प्लॉट खरीदे और एक भवन का निर्माण किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के चलते ईडी मामले की जांच कर रही है।

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