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दलित बच्चों से भेदभाव पर हाईकोर्ट में अर्जी

Mon, 22 Sep 2014 11:32 AM IST
Updated Mon, 22 Sep 2014 11:32 AM IST
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case filed in high court against discrimination with sc students in govt school.

मंडी जिले के सरकारी स्कूल में दलित बच्चों से भेदभाव पर शिमला के सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता रवि कुमार दलित ने हिमाचल हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उधर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात की है।

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शनिवार को प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर को लिखी अर्जी में रवि कुमार ने कहा कि 21वीं सदी में हिमाचल जैसे साक्षर राज्य में दलित बच्चों से इस तरह का भेदभाव अमानवीय है। उन्होंने लिखा है कि स्कूल में प्रशासन के हस्तक्षेप के बावजूद स्थितियां नहीं सुधर रही हैं तो हाईकोर्ट से ही उम्मीद बचती है।
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राज्य सरकार ने मंडी जिले की माध्यमिक पाठशाला में दलित बच्चों से भेदभाव पर कड़ा संज्ञान लिया है। मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल कहा कि जातिवाद सहन नहीं होगा। उन्होंने जांच के आदेश देकर विभाग से हफ्ते भर में रिपोर्ट मांगी है। शांडिल ने कहा कि हिमाचल के लिए इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है। बच्चों में जातिवाद का जहर कौन घोल रहा है। सरकार इसका पता लगाकर रहेगी।

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भोज में रोल नंबर से बैठाए गए बच्चे

case filed in high court against discrimination with sc students in govt school.

सुर्खियों में आए सरकारी माध्यमिक स्कूल में शनिवार को नए आदेशों के मुताबिक बच्चों को रोलनंबर के हिसाब से खाना परोसा गया। लेकिन सामान्य वर्ग के लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। जातिवादी अभिभावकों की चौतरफा निंदा हो रही है। एडीएम पंकज राय ने बताया कि स्पॉट विजिट के बाद उन्होंने रिपोर्ट डीसी को सौंपी है। डीसी संदीप कदम ने इस मामले में पुलिस जांच बैठा दी है।

शनिवार को माध्यमिक स्कूल में जांच के लिए एसडीएम सदर विवेक भाटिया और पद्धर पुलिस पहुंची। बच्चों और अध्यापकों से बातचीत की। पद्धर पुलिस थाना में तैनात एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि दलित वर्ग के बच्चों और वार्ड मेंबर के बयान कलमबद्ध किए गए हैं। सामान्य वर्ग के बच्चों के एक साथ छुट्टी करने से विभाग के हाथ पांव फूले हुए हैं। विभाग अब सवर्ण अभिभावकों से बैठक की तैयारी कर रहा है।

प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक आरके विद्यार्थी ने बताया कि स्कूल प्रधानाचार्य से रिपोर्ट मिली है कि शनिवार को सामान्य वर्ग के सभी बच्चे अनुपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि सामान्य वर्ग के अभिभावकों से बैठक कर उन्हें जागरूक किया जाएगा।

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