मतदान से पहले प्रत्याशी की मौत, फिर भी जीता
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हिमाचल में पंचायत चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। प्रत्याशी ने अभी खुद भी वोट नहीं डाला था। इसके बावजूद वह चुनाव जीत गया। मामला हिमाचल के मंडी का है। यहां पंचायत चुनाव के पहले चरण में संधोल क्षेत्र की दत्तवाड़ पंचायत से वार्ड पंच का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार विधि चंद की चुनाव से ठीक पहले मौत हो गई।
शुक्रवार सुबह मतदान प्रक्रिया शुरू होने पहले हॉट अटैक से विधि चंद चल बसा। लेकिन मतदाताओं ने उनके पक्ष में मतदान कर उन्हें विजयी बना दिया। विधि चंद की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। जानकारी के अनुसार धर्मपुर विकास खंड के संधोल क्षेत्र के पंचायत दत्तवाड़ निवासी 48 वर्षीय विधि चंद वार्ड तीन से पंच का चुनाव लड़ रहा था।
93 मतों से मिली जीत
वीरवार रात्रि को वार्ड पंच पद के लिए प्रचार कर वह वापस घर पहुंचा और रात को उसकी तबीयत बिगड़ गई। शुक्रवार सुबह मतदान से कुछ समय पहले उसकी मौत हो गई। विधि चंद की मौत से अनजान मतदाताओं ने उनके पक्ष में मतदान किया और शुक्रवार शाम को घोषित परिणाम में विधि चंद को 93 मतों से विजय घोषित किया गया। उन्होंने प्रतिद्वंदी विचित्र को हराया।
इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मंडी संदीप कदम ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दत्तवार्ड पंचायत के वार्ड तीन से वार्ड पंच का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार विधि चंद की मौत की सूचना मिली है। शुक्रवार को पंचायत के वार्ड पंच के चुनाव परिणाम में विधि चंद विजयी रहे हैं।
यहां बैलेट चोरी, दोबारा होगा चुनाव
वहीं शिमला की जुब्बल तहसील की बढ़ाल पंचायत में पोलिंग बूथ से बैलट पेपर (मतदान पत्र) चोरी करने का मामला सामने आया है। बैलट पेपर चुराने वाला व्यक्ति बढ़ाल पंचायत का ही स्थानीय निवासी है। पुलिस ने व्यक्ति को मौके पर से गिरफ्तार कर दिया है। घटना के बाद चुनाव आयोग ने बढ़ाल पंचायत में चुनाव को रद्द कर दिया है। अब बढ़ाल पंचायत में दोबारा मतदान करवाया जाएगा।
पोलिंग बूथ पर शुक्रवार सुबह डयूटी पर तैनात कर्मचारी जब अपने कार्य में व्यवस्त थे तभी पंचायत के शड़ान गांव के एक व्यक्ति ने चालाकी से 29 बैलट पेपर चुराए। उसके कुछ देर बाद मोहन सिंह जब वोट डालने वापस आया तो वह अपने प्रत्याशी के समर्थन में चुराए हुए बैलट पेपर के सहारे एक से अधिक वोट डालने लगा। इसी बीच पोलिंग बूथ पर तैनात कर्मचारी ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया।
कर्मचारी ने मोहन सिंह से बैलट पेपर लेने का प्रयास किया। तभी उसने सभी बैलट पेपर बूथ से बाहर फैंक दिए। बूथ पर तैनात कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी जिसके बाद पुलिस ने मोहन सिंह को मौके पर से गिरफ्तार किया। चुराए गए 29 बैलट पेपर में से 22 रिक्वर हो गए हैं।
ऐन मौके पर बदल गए चुनाव चिन्ह
उधर, बिलासपुर के बरमाणा में चुनावों में कुछ खामियां सामने आई। सुबह सात बजे से तीन बजे तक मतदान होने थे। लेकिन, कई स्थानों पर निर्धारित समय पर मतदान शुरू नहीं हो पाया। धार टटोह पंचायत के बल्ग का घाट बूथ पर चुनाव चिन्ह को लेकर हुए विवाद के चलते मतदान लगभग आधा घंटा देरी से शुरू हुआ।
यहां वार्ड पंच के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में है। बताया जा रहा है कि कमला देवी को 17 दिसंबर के दिन हॉकी-बॉल चुनाव चिन्ह मिला था। जबकि बाबू राम को सूरज। लेकिन, मतदान केंद्र में बाहर लगी डम्मी में दोनों के ही चुनाव चिन्ह अदला-बदली हो गए थे। उम्मीदवार कमला देवी ने बताया कि उन्हें पहले हॉकी-बॉल चुनाव चिन्ह मिला था।
लेकिन, यहां सूरज बताया गया। सभी वार्ड के लोगों को उन्होंने नए सिरे से अपने-अपने चुनाव चिन्ह बताए और मतदान हुआ। डीपीओ सतीश अग्रवाल ने बताया कि इस तरह का मामला उनके ध्यान में नहीं आया है।