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Shimla News: कीमौथैरेपी के मरीजों को अब वार्ड में ही मिल जाएगी दवा
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कैंसर अस्पताल। फाइल फोटो।
शिमला। कैंसर अस्पताल में कीमोथैरेपी करवाने आए मरीजों को अब दवा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। आईजीएमसी प्रबंधन डे केयर मरीजों के लिए वार्ड में ही दवाइयां उपलब्ध करवाने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इस बात की पुष्टि की है।
कैंसर अस्पताल में डे केयर ट्रीटमेंट के लिए कीमोथैरेपी रोगी को कुछ घंटों के लिए भर्ती किया जाता है। इस दौरान उन्हें कीमोथैरेपी समेत अन्य इलाज दिया जाता है। क्योंकि अधिकांश मरीजों के हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड बने होते हैं। ऐसे में चिकित्सक बीमारी के आधार पर मरीजों के पैकेज बनाते हैं। इसके बाद मरीज दवाइयां लेने के लिए जनऔषधि केंद्र पर जाते हैं। लेकिन मरीजों को दवाइयां लेने के लिए दो-दो घंटों का इंतजार करवाया जाता है। दवाइयां मिलनेे के बाद मरीजों को कीमोथैरेपी समेत अन्य इलाज शुरू होता है। ऐसे में अब प्रबंधन ने पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर कैंसर मरीजों को जहां पर वह दाखिल हैं, वहीं दवाइयां उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। क्योंकि रोजाना सैकड़ों मरीजों का इलाज किया जाता है तो इस सुविधा के मिलने के बाद रोगियों को इसका लाभ होगा।
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि प्रबंधन पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर जनऔषधि केंद्र पर तैनात कर्मियों की दवाइयां पहुंचाने को जिम्मेदारी सौैंपा गया है। प्रबंधन का कहना है कि केंद्र के दो कर्मी डॉक्टरों द्वारा लिखी गई पैकेज की दवाइयां पैक करके हर आधे घंटे बाद मरीजों तक पहुंचाएंगे। इससे तीमारदारों को अन्य औपचारिकताओं समेत आईजीएमसी परिसर में खुली जनऔषधि केंद्र को ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस सुविधा के शुरू होने के बाद प्रदेश भर से इलाज करवाने आए कैंसर रोगियों को इसका लाभ होगा।
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कैंसर अस्पताल में डे केयर ट्रीटमेंट के लिए कीमोथैरेपी रोगी को कुछ घंटों के लिए भर्ती किया जाता है। इस दौरान उन्हें कीमोथैरेपी समेत अन्य इलाज दिया जाता है। क्योंकि अधिकांश मरीजों के हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड बने होते हैं। ऐसे में चिकित्सक बीमारी के आधार पर मरीजों के पैकेज बनाते हैं। इसके बाद मरीज दवाइयां लेने के लिए जनऔषधि केंद्र पर जाते हैं। लेकिन मरीजों को दवाइयां लेने के लिए दो-दो घंटों का इंतजार करवाया जाता है। दवाइयां मिलनेे के बाद मरीजों को कीमोथैरेपी समेत अन्य इलाज शुरू होता है। ऐसे में अब प्रबंधन ने पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर कैंसर मरीजों को जहां पर वह दाखिल हैं, वहीं दवाइयां उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। क्योंकि रोजाना सैकड़ों मरीजों का इलाज किया जाता है तो इस सुविधा के मिलने के बाद रोगियों को इसका लाभ होगा।
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अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि प्रबंधन पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर जनऔषधि केंद्र पर तैनात कर्मियों की दवाइयां पहुंचाने को जिम्मेदारी सौैंपा गया है। प्रबंधन का कहना है कि केंद्र के दो कर्मी डॉक्टरों द्वारा लिखी गई पैकेज की दवाइयां पैक करके हर आधे घंटे बाद मरीजों तक पहुंचाएंगे। इससे तीमारदारों को अन्य औपचारिकताओं समेत आईजीएमसी परिसर में खुली जनऔषधि केंद्र को ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस सुविधा के शुरू होने के बाद प्रदेश भर से इलाज करवाने आए कैंसर रोगियों को इसका लाभ होगा।
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