मोदी सरकार की तर्ज पर जयराम कैबिनेट में विभागों को करना होगा ये काम
मोदी सरकार की तर्ज पर सूबे की जयराम ठाकुर सरकार भी विभागों के कामकाज की अलग तरीके से समीक्षा किया करेगी। विभागों को अब कैबिनेट बैठक के दौरान विभागीय कार्यों का प्रस्तुतिकरण देना पड़ेगा। इसमें अब तक हुए कामकाज के अलावा आने वाले समय के लिए प्रस्तावित व तैयार प्रोजेक्टों के बारे में भी पूरी कैबिनेट को बताना पड़ा करेगा।
जयराम सरकार की नई व्यवस्था की जानकारी मिलने के बाद से विभागीय अफसरों ने प्रेजेंटेशन तैयार करने की माथापच्ची शुरू कर दी है। अब तक मंत्री को ही विभाग की सारी गतिविधियों की जानकारी रहती थी। चूंकि नई सरकार में आधे से ज्यादा मंत्री पहली बार पदासीन हुए हैं। ऐसे में विभागों और सरकार के कामकाज की बेहतर समझ के लिए जयराम सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की है।
इसके तहत हर कैबिनेट बैठक के दौरान कम से कम दो विभागों के कामकाज का पूरा लेखा जोखा पेश किया जाया करेगा। इससे न सिर्फ संबंधित मंत्री को विभाग की जानकारी होगी, बल्कि कैबिनेट के अन्य साथियों को भी विभागीय कामकाज पता होगा।
इससे अन्य मंत्रियों को संबंधित विभाग के लिए महत्वपूर्ण सुझाव देने में भी आसानी होगी और किसी गलत निर्णय पर चर्चा और सही रास्ता तय करने में भी सुविधा रहेगी। सरकार के इस नए फैसले के बाद महकमों में हड़कंप मचा हुआ है। अफसर जयराम सरकार की 4 जनवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में अपना नंबर आने की आशंका को देखते हुए दिनरात प्रेजेंटेशन तैयार करने में जुटे हुए हैं।
पर्यटन और औद्योगिक विकास पर होगा जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल सरकार के बाद से अब तक प्रदेश को कभी औद्योगिक पैकेज नहीं मिला है। इसमें प्रदेश सरकार की असफल नीति प्रमुख कारण रही है। प्रयास किया जाएगा कि केंद्र के जरिये प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा दी जाए।
इसके अलावा पर्यटन व पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे। साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के अलावा प्रदेश में कनेक्टिविटी पर जोर रहेगा।
हवाई व रेल के साथ सड़क कनेक्टिविटी अच्छी होगी तो ज्यादा लोग हिमाचल आएंगे और इससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी लोगों को पर्यटन बढ़ने से आर्थिक व सामाजिक फायदा मिलेगा।