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अमित शाह से की मुलाकात: नाबार्ड की तर्ज पर मांगा सहकारिता विभाग से गठित एफपीओ को प्रोत्साहन
Thu, 31 Mar 2022 06:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 31 Mar 2022 06:31 PM IST
सार
सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कि राज्य सहकारिता विभाग की ओर से गठित एफपीओ को भी उसी प्रकार का प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए, जैसा कि नाबार्ड की ओर से गठित एफपीओ को दिया जा रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि सहकारी समितियों के रूप में एफपीओ की कवरेज के लिए योजना का विस्तार प्रदेश के सभी विकास खंडों तक किया जाना चाहिए। चाहे वे एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) के तहत आते हो अथवा नहीं।
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उन्होंने कहा कि राज्य सहकारिता विभाग की ओर से गठित एफपीओ को भी उसी प्रकार का प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए, जैसा कि नाबार्ड की ओर से गठित एफपीओ को दिया जा रहा है। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) से संबंधित ब्याज सबवेंशन केवल कृषि, बागवानी संबंधी बुनियादी ढांचे के लिए उपलब्ध है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और इको टूरिज्म क्षेत्रों में कार्य करने वाली सहकारी समितियों के लिए भी इस सुविधा का विस्तार होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के मामले में 20 लाख रुपये तक जमानत मुक्त ऋण का प्रावधान होने से अनेक समितियां आईसीडीपी या पीएसीएस जैसी योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं। भारद्वाज ने कहा कि विभाग नवगठित कृषक उत्पादक संगठन के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने की योजना बना रहा है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, विशेष रूप से कृषि विपणन विशेषज्ञ भाग लेंगे। भारद्वाज ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
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