शिमला के हजारों भवन मालिकों को बड़ा झटका
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राजधानी के हजारों भवन मालिकों को राज्य सरकार ने बड़ा झटका दिया है। प्रदेश शहरी एवं नगर नियोजन संशोधन विधेयक 2014 में शहर के ग्रीन एरिया और हेरिटेज एरिया को शामिल नहीं किया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इन दोनों क्षेत्रों को विधेयक से बाहर ही रखा गया है। ग्रीन एरिया और हेरिटेज एरिया में पुराने भवनों की संख्या बहुत अधिक है।
इन क्षेत्रों के अवैध भवनों को सरकार ने नियमित नहीं करने का फैसला लिया है। विधेयक में संशोधन करने के बावजूद इन क्षेत्रों के भवनों को राहत नहीं दी गई है। सरकार इन क्षेत्रों में किसी भी तरह की डेविएशन को मंजूर नहीं करने के मूड में है। शहर के कोर एरिया में अवैध निर्माण करने वाले भवन मालिकों को सरकार से राहत मिल गई है। विधेयक के पास होने के बाद कोर एरिया के लोग अपने भवन नियमित करवा सकेंगे।
इन क्षेत्रों में पुराने भवनों की अधिक संख्या
ग्रीन एरिया : जाखू, टूटीकंडी, रुल्दूभट्ठा, संजौली, शांकली, कलस्टन, भराड़ी का कुछ एरिया, जोधा निवास, लक्कड़ बाजार कार्ट रोड एरिया, छोटा शिमला, कसुम्पटी, कनलोग, चौड़ा मैदान और अनाडेल वार्ड के कुछ क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट में शामिल किया है।
हेरिटेज एरिया : चौड़ा मैदान से माल रोड होते हुए छोटा शिमला तक। रिज मैदान, कालीबाड़ी मंदिर और स्कैंडल प्वाइंट से सटे क्षेत्र। ओक ओवर से बार्नस कोर्ट तक का क्षेत्र हेरिटेज क्षेत्र में शामिल है।
कोर एरिया: सेंट्रल शिमला को कोर एरिया में शामिल किया गया है। इसमें विक्ट्री टनल से शुरू होने वाला कार्ट रोड वाया छोटा शिमला, संजौली से विक्ट्री टनल तक, रेलवे बोर्ड बिल्डिंग से अंबेदकर चौक तक, एडवांस स्टडी चौक से समरहिल रोड, पोस्ट आफिस एरिया, बालूगंज चौक से ऊपर का क्षेत्र, ट्रिब्यूनल रोड जंक्शन से कार्ट रोड नजदीक सचिवालय, धोबीघाट मार्ग से शिमला-जुन्गा रोड नजदीक बाउंड्री तक।