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उपचुनाव: चेतन बरागटा बोले- नड्डा और अन्य नेताओं के संपर्क में हूं पर नामांकन नहीं लूंगा वापस
Sun, 10 Oct 2021 12:41 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 10 Oct 2021 12:41 PM IST
सार
शनिवार को अनौपचारिक बातचीत के दौरान बरागटा ने कहा कि गत दिन कुछ कार्यकर्ताओं ने भ्रमवश भारद्वाज के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अब वह किसी भी सूरत में अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, क्योंकि अब लड़ाई जुब्बल-कोटखाई के सम्मान की होगी। यहां नरेंद्र बरागटा ने ही भाजपा को खड़ा किया है। इसलिए यहां असली भाजपा हम हैं।
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चेतन बरागटा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जुब्बल-कोटखाई से निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भर चुके पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा ने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के संपर्क में हूं, लेकिन मैं अब मैदान नहीं छोड़ सकता। नामांकन वापस इसलिए नहीं ले सकता, क्योंकि मेरे समर्थक मानने को तैयार नहीं हैं। चेतन बोले, उनका टिकट शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने नहीं कटवाया, बल्कि भारद्वाज ने तो टिकट दिलाने में सबसे ज्यादा मदद की।
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सूत्रों के अनुसार जेपी नड्डा ने चेतन से बात भी की है। शनिवार को अनौपचारिक बातचीत के दौरान बरागटा ने कहा कि गत दिन कुछ कार्यकर्ताओं ने भ्रमवश भारद्वाज के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अब वह किसी भी सूरत में अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे, क्योंकि अब लड़ाई जुब्बल-कोटखाई के सम्मान की होगी। यहां नरेंद्र बरागटा ने ही भाजपा को खड़ा किया है। इसलिए यहां असली भाजपा हम हैं।
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चेतन बरागटा ने कहा कि मंत्री सुरेश भारद्वाज उनके टिकट के लिए लड़े हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर आदि सबने उनके टिकट की पैरवी की है। लोगों ने भ्रमवश ऐसे ही मान लिया है कि भारद्वाज ने टिकट कटवाया है। ये अब पुरानी बात है। चेतन बोले कि जब 6 अक्तूबर को उनका टिकट काटकर नीलम सरैईक को दिया गया था, तभी उन्होंने कहा था कि नीलम की जगह किसी और को टिकट दे दो।
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अब नामांकन का वक्त हो चुका है। 6 अक्तूबर की रात और 7 की सुबह उनकी टिकट कटी। 8 अक्तूबर तक वह कहते रहे कि यहां से सात लोग भाजपा से मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। 25 से 30 कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। उनका स्टैंड बहुत स्पष्ट है कि सुरेश चौहान, उमेश शर्मा, गोपाल जबैईक, अरुण पालटा आदि को टिकट दे देते। चेतन बरागटा ने कहा कि वह तो अभी भी कह रहे हैं कि पार्टी अपने निर्णय पर दोबारा विचार करे। वह चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए नीलम को बैठाएं और उन्हें भाजपा का ऑफिशियल उम्मीदवार घोषित करें।