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कांग्रेस-भाजपा ने धर्मशाला को बनाया हॉट सीट, झोंकी ताकत
Sat, 05 Oct 2019 01:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 05 Oct 2019 01:04 PM IST
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के बाद धर्मशाला में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप ने भी डेरा डाल दिया है। राठौर पांच दिन तक धर्मशाला में रहेंगे। समन्वय समिति की बैठक में राठौर ने कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र के विधायकों और पूर्व विधायकों को बूथ लेवल पर जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। उन्होंने नाराज कांग्रेसियों को जिम्मेदारियां सौंप कर एकजुटता का कार्ड खेला है।
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सुधीर शर्मा की गैर मौजूदगी का कांग्रेस को नुकसान न हो, इसके लिए राठौर ने पूर्व मंत्री की टीम से कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करवाने के लिए अपने दूत छोड़ दिए हैं। हालांकि, सुधीर समर्थकों को साधना राठौर के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर को चुनाव प्रभारी बनाने से कुछ बड़े नेता भी नाराज बताए जा रहे हैं।
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उधर, राठौर के बाद कांग्रेस नेत्री आशा कुमारी ने भी धर्मशाला में डेरा डालने का प्लान बनाया है। कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच उपचुनाव के बहाने मिशन 2022 में बड़ी कुर्सी हथियाने के लिए लॉबिंग भी साथ-साथ चल रही है। इससे इतर भाजपा ने भी धर्मशाला में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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कांगड़ा जिले के तीनों मंत्रियों को चुनावी मैदान में उतारा गया है। कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र के विधायक और पूर्व विधायकों को बूथ लेवल पर जीत की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती धर्मशाला में अभी तक प्रचार में पूरी तरह नहीं उतरे हैं। कूपर की गांधी यात्रा ने भी नेताओं के समक्ष परेशानी खड़ी कर दी है। दोनों दल धर्मशाला में भितरघात और जातीय ध्रुवीकरण से भी डरे हुए हैं।